Published On : Mon, Mar 18th, 2019

राज्य के मतदाताओं को मिलेगा रंगीन पहचान पत्र

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रंगीन पीव्हीसी कार्ड में बारकोड का समावेश ,नये से पहचाना पत्र की मांग करनेवाले मतदाताओं को अलग-अलग चरण में वितरण , मतदान के लिए ईपीक कार्ड के अलावा और भी 11 दस्तावेज चलेगें , मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है


नागपुर : लोकसभा चुनाव के मतदान के लिए भारतीय चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए नए रंगीन पहचान पत्र (व्होटर आयडी कार्ड) वितरित करने के लिए शुरुआत की है। नये से पहचान पत्र की मांग करनेवाले राज्य के लगभग 46 लाख मतदाताओं को यह नऐं पहचान पत्र मिलनेवाले हैं और आधे से अधिक मतदाताओं को पहचान पत्र का घर पर वितरण किया गया है। बाकी के पहचान पत्र मतदान के पहले मतदाताओं को देने के लिए चुनाव प्रणालियों के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

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लोकसभा चुनाव के मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। प्रत्यक्ष मतदान के दिन मतदान का हक अदा करने के लिए वैध मतदाता का छायाचित्र (Electoral Photo ID Card – ईपिक आयडी) होना जरूरी है। इसलिए भारत चुनाव आयोग ने हर एक मतदाता को पहचान पत्र दिया है। इससे पहले संगणक पर मुद्रित किया गया कृष्णधवल जैसा पहचान पत्र दिया जाता था। किंतु अब आकर्षक और रंगीन पॉलिमेरायझिंग विनाईल क्लोराइड (पीव्हीसी) पहचान पत्र दिया जाता है। जिस नागरिकों के पास यह पहचान पत्र नहीं है उन्होंने आवेदन करने पर नया पहचान पत्र केंद्रस्तरीय अधिकारीयों के माध्यम से (बीएलओ) मतदाताओं के घर पर जाकर अथवा संबंधित कार्यालय में वितरित जाता है।

मतदाताओं के नाम में, पते में, विवाह के उपरांत नाम में परिवर्तन आदि कारणों से नए पहचान पत्र के लिए आवेदन किया किया जा सकता है। आवेदन किए गए नागरिकों को नया पहचान पत्र दिया जाता है।

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नए पहचान पत्र का स्वरूप

इस वर्ष अब तक लगभग 46 लाख मतदाताओं के लिए नए पहचान पत्र तैयार करके उन्हें देने के लिए वितरित किए गए हैं। नये पहचान पत्र के लिए मांग करनेवाले आवेदकों में कुलमिलाकर 98 प्रतिशत मतदाताओं को पहचान पत्र दिए गए हैं। 2014 में इसका आंकडा 94 प्रतिशत था। इस पहचान पत्र पर मतदाता का नाम,छायाचित्र, जन्मदिन की तारीख, पता, लिंग और मतदाता का विशिष्ट पहचान क्रमांक आदि जानकारी टंकीत की गई है। साथ ही बारकोड होने के कारण जाली पहचान पत्र पर रोक लगनेवाली है। यह पहचान पत्र पीव्हीसी से तैयार किया गया है किंतु यह स्मार्ट कार्ड नहीं है।

मतदान के लिए जरूरी 11 दस्तावेज

मतदान करने के लिए भारत चुनाव आयोग का पहचान पत्र नहीं है किंतु मतदाता सूची में नाम है तो इस परिस्थिति में अन्य ग्यारह प्रकार से आयोग ने ग्रहित किए पहचान पत्र के माध्यम से मतदाता अपना हक अदा कर सकते हैं। इसमें पासपोर्ट (पारपत्र), वाहन चालक परवाना, छायाचित्र कर्मचारी पहचान पत्र (राज्य /केंद्र शासन, सार्वजनिक अभियान, सार्वजनिक मर्यादित कंपनियों का पहचान पत्र), छायाचित्र के बैंक का पासबुक, पॅनकार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (National Population Register NPR) के अंतर्गत राजस्व निर्माण निर्देशांक) Revenue Generation Index – RGI) के माध्यम से दिया गया स्मार्ट कार्ड, मनरेगा कार्यपत्रिका, मजदूर मंत्रालय ने दिया स्वास्थ्य विमा स्मार्टकार्ड, छायाचित्र का अवकाशवेतन दस्तावेज, सासंद /विधायक / विधानपरिषद सदस्य इन्हें दिया गया पहचान पत्र और आधारकार्ड का समावेश है।

ईपीक कार्ड न मिलने पर…

ईपीक कार्ड न मिलने पर मतदाता नजदीकी मतदान मदद केंद्र से संपर्क करें। वहां पर पहचान पत्र मिलने के संदर्भ में मार्गदर्शन किया जाता है। मतदाताओं को सभी तरह की जानकारी देने के लिए शुरू किए चुनाव आयोग के 1950 इस टोल फ्री नंबर पर पहचान पत्र मिलने के संदर्भ में मार्गदर्शन किया जाता है।

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