
नागपुर : नागपुर के व्यस्त एलआईसी चौक और कस्तुरचंद पार्क इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भिखारियों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट और पथराव शुरू हो गया। बीच सड़क हुए इस बवाल से राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सारंग ढोक ने पुलिस आयुक्त से कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार यह घटना शाम करीब 5 बजकर 40 मिनट की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एलआईसी चौक सिग्नल पर रोज की तरह भिखारी मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरों और लकड़ियों से हमला करना शुरू कर दिया। बीच सड़क हुए इस हंगामे से इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और वहां से गुजर रहे वाहन चालक व आम नागरिक डर गए।
हालांकि इस पथराव में कोई राहगीर घायल नहीं हुआ, लेकिन दोनों गुटों के कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
सारंग कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष सारंग ढोक ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची। उन्होंने घटना के वीडियो और तस्वीरें नागपुर पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंघल को भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ढोक ने शहर में बढ़ती भिखारियों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रैफिक सिग्नलों पर जबरन भीख मांगना, वाहन चालकों से अभद्रता करना और गाली-गलौज की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से नागपुर को भिखारियों से मुक्त करने की मांग की है।
गौरतलब है कि हाल ही में नागपुर पुलिस ने “मिशन मुक्ति” अभियान शुरू किया था, जिसके तहत 28 से अधिक भिखारियों को रेस्क्यू कर अमरावती भेजा गया था, जबकि कुछ को सुधार गृह में रखा गया है। बावजूद इसके, शहर के बीचोंबीच इस तरह की घटना ने पुलिस के अभियान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
एलआईसी चौक पर भिखारियों के दो गुटों में हिंसक झड़प बीच सड़क चले पत्थर और डंडे, राहगीरों में दहशत पुलिस पर सूचना के बावजूद देर से पहुंचने का आरोपको भिखारियों से मुक्त करने की उठी मांग








