
गोंदिया । आज मंगलवार 20 जनवरी को गोंदिया जिला नियोजन समिति (DPDC) की अहम बैठक उस वक्त राजनीतिक तूफान में बदल गई, जब गोंदिया–भंडारा लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय डॉ. प्रशांत पडोले ने निधि वितरण में भेदभाव का बड़ा आरोप लगाते हुए खुली चुनौती दे डाली।
ऐसी बैठक में बैठने का कोई औचित्य नहीं ?
पालकमंत्री इंद्रनील नाईक की अध्यक्षता में हुई बैठक में सांसद डॉ. पडोले ने सीधे सवाल दागा-
“क्या मुझे विकास निधि मिलेगी या सिर्फ इसलिए वंचित रखा जा रहा है क्योंकि मैं विपक्ष में हूं ?
उन्होंने दो टूक कहा कि- यदि राजनीतिक कारणों से जनता के विकास कार्य रोके जा रहे हैं, तो ऐसी बैठक में बैठने का कोई औचित्य नहीं। इतना कहते ही सांसद मंच से उतरकर ज़मीन पर बैठ गए और शांतिपूर्ण लेकिन आक्रामक विरोध दर्ज कराया, जिससे पूरे सभागृह में खलबली मच गई।
आश्वासन के बाद ही पुनः अपनी कुर्सी पर लौटे
हालात बिगड़ते देख पालकमंत्री इंद्रनील नाईक और जिलाधिकारी प्रजीत नायर को भरे सदन में यह आश्वासन देना पड़ा कि सांसद डॉ. प्रशांत पडोले को उनके लोकसभा क्षेत्र के विकास कार्यों हेतु पूरी निधि दी जाएगी , आश्वासन के बाद ही सांसद पुनः अपनी कुर्सी पर लौटे और बैठक में शामिल हुए। सांसद डॉ. पडोले ने स्पष्ट शब्दों में कहा “यह लड़ाई मेरी नहीं, गोंदिया–भंडारा की जनता के अधिकार, विकास और न्याय की लड़ाई है।
रवि आर्य








