Published On : Wed, Aug 24th, 2016

तेलंगाना से हुए करार से विदर्भ को होगा फायदा

CM Fadnavis and Telangana CM K Chandrashekhar Rao
नागपुर:
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने मंगलवार 23 अगस्त 2016 को मुंबई में एक करार किया। जिसके तहत दोनों राज्यो की सिमा से बहने वाली प्राणहिता, गोदावरी और पैनगंगा नदी में तीन बांध बनाने की सहमति जताई गई है। नदियों में बनने वाले इस बांध की वजह से महाराष्ट्र के तीन जिलो गढ़चिरोली, चंद्रपुर और यवतमाल की करीब 75 हजार एकड़ जमीन सिंचन क्षेत्र में आ जाएगी। इस प्रोजेक्ट की वजह से राज्य की 37 नक्सलग्रस्त तहसीलो में सिंचाई के लिए वर्ष भर पानी उपलब्ध होगा। 7000 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट में सारी लागत तेलंगाना सरकार लगाएगी। महाराष्ट्र अधिग्रहित वाली जमीन का मुआवजा भी तेलंगाना ही देगा। तेलंगाना ने यह करार कर 10 जिलों के अपने राज्य की 50% जमीन को तीन साल के भीतर लाने का लक्ष्य बनाया है।

इस करार से महाराष्ट्र को भी फायदा होगा बशर्ते सरकार इसका उचित फायदा उठाये। इन बांधो से खेतो तक पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार को 1200 करोड़ खर्च करने पड़ेगे। विदर्भवादी नेता मामा किंमतकर ने सरकार से इस मौके का फायदा लेकर इसका पूरा लेने की मांग की है। मामा ने तेलंगाना सरकार की प्रशंशा की। मामा के मुताबिक तेलंगाना सरकार जिस तरह काम कर रही है महाराष्ट्र में ऐसा काम आगामी 25 वर्षो में भी नहीं हो सकता। तेलंगाना ने बजट का 50 फीसदी हिस्सा सिंचन पर खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि हमारा राज्य अपने बजट का केवल 15 फीसदी हिस्सा ही सिंचन में लगता है। यह करार विदर्भ के विकास में योगदान दे सकता है। बशर्ते सरकार गंभीरता दिखाए।

विदर्भ में कई प्रोजेक्ट को प्रशासकीय मान्यता मिलाने के बाद वह शुरू नहीं हो पाते। गढ़चिरोली जिले में सिंचन के तीन प्रोजेक्ट काम शुरू होने का इंतज़ार कर रहे है। उन्होंने राज्य के वित्त मंत्री से इन प्रोजेक्ट को टोकन राशि उपलब्ध करने की मांग की है। जिससे की इन प्रोजेक्ट की प्रशासकीय मान्यता बची रहे।