Published On : Thu, Mar 2nd, 2017

खड़से की अपील पर फैसला सुरक्षित


नागपुर: 
जमीन ख़रीद में हुए गैर-व्यव्हार पर झोटिंग समिति से पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से द्वारा की गयी अपील पर फ़ैसला सुरक्षित रखा गया है। पुणे स्थित भोसरी में जमीन खरीदी में हुए गैर-व्यवहार की जाँच कर रही समिति के सामने खड़से ने समिति द्वारा जाँच के लिए तय किये गए मापदंडों से बाहर जाकर जाँच करने कई मुद्दों का नए सिरे से समावेश करने और मामले से जुड़े दो अधिकारियों को फिर से जाँच के बुलाने की अपील की थी। जिस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है लेकिन समिति ने इस पर फैसला सुरक्षित रखा है।

मामले की सुनवाई नागपुर में शुरु है मंगलवार को सुनवाई के दौरान खड़से के वकील ने समिति के दायरे का मुद्दा उपस्थित हुए कई मुद्दों को जाँच में नए सिरे से समाहित करने के ही साथ पुणे के जिलाधिकारी सौरभ राव और तत्कालीन एमआयडीसी सीईओ भूषण गगरानी को बयान के लिए फिर समिति के सामने उपस्थित होने की अपील की थी। इस मुद्दे पर खड़से और एमआयडीसी के वकील के बीच में आर्गुमेंट हुई। इसी मामले पर अदालत में पूर्व में हुए निर्णय के कागज़ात समिति के सामने रखने के लिए खड़से के वकील ने कुछ समय की माँग की। जिस वजह से समिति ने निर्णय सुरक्षित रख लिया।

खड़से के वकील द्वारा समिति के दायरे पर अब उठाएं जा रहे सवाल पर एमआयडीसी के वकील ने कहा कि जाँच के संबंध में एमआयडीसी और खुद खड़से ने एफिडेविट समिति के पास जमा कराया है, अब ऐन फ़ैसले के समय में इस मुद्दे को उपस्थित कर बचाव पक्ष द्वारा समिति के निर्णय में देरी लाने का प्रयास किये जाने की बात पत्रकारों से एमआयडीसी के वकील चंद्रशेखर जलतारे ने कही।