Published On : Wed, Apr 10th, 2019

सायबर सुरक्षा’ मार्गदर्शिका द्वारा चुनाव प्रक्रिया के लिए उपयोग टिप्स

नागपुर / मुंबई : लोकसभा चुनाव में आयोग सहित प्रत्याशी और विभिन्न राजनीतिक पार्टियां सायबर जगत का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं. चुनाव विषयक जानकारी की सुरक्षा, संरक्षित पासवर्ड, ईमेल्स, सोशल मीडिया का उपयोग करते समय बरतनेवाली सावधानियां, फेक न्यूज के साथ झूठा प्रचार अभियान चलाने के लिए ‘स्पिअर फिशिंग स्कॅम्स’ करनेवालों से बचाव करने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए, इसकी सूचनाएं ‘महाराष्ट्र सायबर’कार्यालय की ओर से ‘सायबर सुरक्षा’ इस पुस्तिका के माध्यम से चुनाव अधिकारियों को दी गई हैं.

लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया अधिकादिक पारदर्शक करने के लिए आयोग की ओर से आधुनिक तकनीकी का, नए एप्स का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है. उम्मीदवारों के साथ साथ राजनीतिक पार्टियों के द्वारा भी सोशल मीडिया का उपयोग प्रचार के लिए शुरू किया है. सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल न हो और चुनाव प्रक्रिया तकनीकी दृष्टि से सुरक्षित हो, इसके लिए ‘महाराष्ट्र सायबर’ द्वारा पहल की गई है. राज्य के सभी 48 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव यंत्रणा को मराठी, हिंदी, इंग्रजी, गुजराती और उर्दू भाषा में प्रकाशित की हुई ‘सायबर सुरक्षा’ मार्गदर्शिका से महत्त्वपूर्ण सूचनाएं दी गई हैं, ऐसा महाराष्ट्र सायबर के विशेष पुलिस महानिरीक्षक ब्रिजेश सिंह ने बताया.

इस पुस्तिका में सोशल मीडिया पर आई खबरें, ट्रोलिंग, प्रायोजित कंटेंट, आदि के संदर्भ में जनजागृति करने की सूचना, फेक एप्स और वेबसाइट के संदर्भ में जागृति करने के साथ ही व्यक्तिगत और बाह्य उपकरणों के उपयोग के संदर्भ में मार्गदर्शन किया गया है.

‘सायबर सुरक्षा’ मार्गदर्शिका का विमोचन
महाराष्ट्र सायबर सुरक्षा प्रकल्प की ओर से तैयार की गई ‘सायबर सुरक्षा’ पुस्तिका का मुख्य चुनाव अधिकारी तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी कुमार के हाथों विमोचन किया गया. इस समय अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी दिलीप शिंदे, सह मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल वलवी,संचालक (सूचना) सुरेश वांदिले, महाराष्ट्र सायबर के पुलिस अधीक्षक डॉ.बालसिंग राजपूत और सचिन पांडकर, उप मुख्य चुनाव अधिकारी शिरीष मोहोड उपस्थित थे.

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की जांच पड़ताल करने के लिए इसमें बहुमूल्य टिप्स दी गई हैं. फेसबुक पोस्ट के उपर दाई ओर से कोने में ‘यह फेकन्यूज स्टोरी है’ यह पर्याय तथा व्हॉटसएप पर अफवाह और जानकारी की पुष्टि करने के लिए ‘व्हॉटसअप चेकपॉईन्ट टीपलाईन’ पर भेजने की सूचना दी गई हैं. व्हॉटसएप पर चुनाव के संदर्भ में झूठी खबर, अफवाह, विवादित लेखन, चित्र आदि के संदर्भ में सतर्क रहने के संदर्भ में महत्वपूर्ण टिप्स दी गई है.

चुनाव प्रक्रिया चलाते समय कौन से समय सावधानी बरतनी चाहिए, यह स्पष्ट करते समय भारत सरकार द्वारा घोषित 42 धोकादायक एप्स की सूची भी प्रकाशित की है. चुनाव आयोग के सी विजिल के साथ अन्य अधिकृत एप्स, वेबसाइट तथा शिकायतों के लिए महत्वपूर्ण नोडल्स संस्थाओं की जानकारी इस पुस्तिका में दी गई हैं. हॅक तथा हायजॅक हुए सोशल मीडिया खातों के संदर्भ में महाराष्ट्र सायबर से संपर्क करने का आवाहन किया गया है. यह पुस्तिका राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारियों के सहयोग से ‘महाराष्ट्र सायबर’ कार्यालय की ओर से तैयार की गई है.