Published On : Fri, Jun 8th, 2018

भीमा कोरेगांव हिंसा में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी पर सामने आए केंद्रीय मंत्री अठावले

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नागपुर: इस साल जनवरी के पहले दिन महाराष्ट्र में पुणे के पास कोरेगांव में हुई जातीय हिंसा के आरोप में दो दिन पहले मुंबई, नागपुर और दिल्ली से गिरफ्तार 5 आरोपियों के बचाव में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले सामने आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि एल्गार परिषद और भीमा कारेगांव हिंसा का कोई कनेक्शन नहीं हैं. कल जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, यदि वे अंबेडकर के अनुयायी हैं तो उन्हें नक्सली के तौर पर नहीं माना जाए. इस मामले में विस्तार से पूरी जांच होनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा, ” मैं अंबेडकर के युवा अनुयायियों से अपील करता हूं कि उन्हें नक्सल आंदोलन से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए. यदि जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उनका नक्सलियों से कोई संबंध नहीं है तो मैं निश्चित रूप से उन्हें मदद करने की कोशिश करूंगा.”

भीमा कोरेगांव हिंसा में दलित कार्यकर्ता, वकील, महिला प्रोफेसर समेत 5 गिरफ्तार
एक जनवरी को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने बीते बुधवार को माओवादियों से कनेक्शन के आरोप में मुंबई, नागपुर और दिल्ली से दलित कार्यकर्ता सुधीर धावले सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था. बुधवार सुबह एक साथ कई छापे के दौरान धावले को मुंबई में उनके घर से गिरफ्तार किया गया, वकील सुरेंद्र गाडलिंग, एक्टिविस्ट महेश राउत और शोमा सेन को नागपुर से और रोना विल्सन को दिल्ली में मुनिरका स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया. धावले एल्गार परिषद के आयोजकों में थे.

ये हैं आरोप
– शनिवारवडा में 31 दिसंबर को भीमा कोरेगांव लड़ाई के 200 साल पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. – विश्रामबाग थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक कबीर कला मंच के कार्यकर्ताओं ने भड़काऊ भाषण दिए थे
– कला मंच के कार्यकर्ताओं के भड़काऊ भाषण के कारण जिले के कोरेगांव भीमा में हिंसा हुई.

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ये हैं 5 आरोपी- प्रोफेसर, वकील-संपादक और दलित कार्यकर्ता
1 – सुधीर धावले दलित कार्यकर्ता और मराठी पत्रिका विद्रोही के संपादक हैं
2.- नागपुर के वकील सुरेंद्र गाडलिंग भी दलितों और आदिवासियों के लिए काम करते हैं
– शोमा सेन नागपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और उनके पति तुषार क्रांति भट्टाचार्य को नक्सल कनेक्शन के आरोपी में 2010 में नागपुर स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।
– महेश राउत का भी माओवादियों से संबंध की बात कही जा रही है
– केरल के निवासी रोना विल्सन (47) दिल्ली में रहते हैं और कमेटी फोर रिलीज ऑफ पोलिटिकल प्रिजनर्स से जुड़े हुए हैं

पुलिस का दावा: माओवादी कनेक्शन के सबूत मिले
पुणे पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र कदम ने कहा, ” विश्रामबाग थाने में दर्ज मामले की छानबीन के दौरान हमने राज्य के विभिन्न स्थानों पर जांच की. जांच के दौरान हमें कुछ ऐसे सबूत मिले जिससे संकेत मिलता है, गिरफ्तार किए गए सभी लोगों का माओवादियों के साथ जुड़ाव था.

कार्रवाई दलित व्यक्ति या दलित संगठन के खिलाफ नहीं
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कदम ने स्पष्टीकरण दिया कि ये कार्रवाई किसी दलित व्यक्ति या दलित संगठन के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा, ”यह कार्रवाई माओवादियों से जुड़ाव के कारण की गई है. जांच में हमें इसके संकेत मिले हैं. हम इसकी जांच कर रहे हैं कि क्या इस माओवादी जुड़ाव का भीमा कोरेगांव हिंसा से कोई सीधा जुड़ाव था या नहीं.” एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुधीर धावले, सागर गोरखे, हर्षाली पोतदार, रमेश गेचोर, दीपक डेंगले और ज्योति जगतप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी

प्रकाश आंबेडकर, जिग्नेश, उमर खालिद ने लिया था हिस्सा
एल्गार परिषद में गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी, जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद, रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला और भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने भी हिस्सा लिया था. केकेएम के सदस्यों के खिलाफ तुषार दमगुडे ने शिकायत दर्ज कराई थी.

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