Published On : Thu, Nov 9th, 2017

यूएमटीसी से पार्किंग संबंधी प्रकल्प रिपोर्ट निर्माण का प्रस्ताव वापिस

Parking

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नागपुर: शहर की ट्राफिक व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर दिए गए आदेशों का पालन करने के लिए भले ही परिवहन विभाग की ओर से पार्किंग व्यवस्थापन को सुचारु करने के उद्देश्य से विस्तृत प्रकल्प रिपोर्ट तैयार कर अर्ध सरकारी संस्था यूएमटीसी को जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव रखा गया हो, लेकिन इसी कम्पनी को ठेका क्यों दिया जाए, इस संदर्भ में आपत्ति जताते हुए स्थायी समिति सभापति संदीप जाधव ने प्रशासन को प्रस्ताव वापस भेज दिया.

मांग थी ८०,समझौता हुआ ७० में
हैदराबाद की इसी यूएमटीसी कम्पनी की ओर से पहले भी शहर के लिए पार्किंग पॉलिसी तैयार करके दी गई है. एक बार पार्किंग पॉलिसी तैयार होने के बावजूद अब पुन: पार्किंग पॉलिसी तैयार होने पर ही प्रश्नचिह्न लगाया जा रहा है. इसके अलावा अब चूंकि मेट्रो रेल, सीमेंट सड़क, उड़ान पुल व स्मार्ट सिटी आदि का काम चल रहा है और टी.ओ.डी मल्टीमोडल इंटीग्रेशन को भी प्रस्ताव में शामिल किए जाने के कारण नए सिरे से जिम्मेदारी सौंपे जाने का हवाला दिया जा रहा है. बताया जाता है कि कम्पनी की ओर से पहले इस कार्य के लिए रुपए 80 लाख की मांग की गई थी, लेकिन आयुक्त के दिशानिर्देशों के अनुसार कम्पनी के साथ लेन-देन पर चर्चा की गई, जिसके बाद 70 लाख रुपए पर कार्य करने की स्वीकृति यूएमटीसी की ओर से दी गई.

५० % राशि नासुप्र से लेने का प्रयास
स्थायी समिति को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार प्राथिमक रिपोर्ट देने पर यूएमटीसी को 14 लाख रु. का भुगतान करना होगा, जिसके बाद कंसेप्ट प्लान दिए जाने पर अलग से 21 लाख रुपए, जीएडी ड्राइंग के साथ अंतिम ड्राफ्ट प्लान देने पर 21 लाख रुपए और योजना के लिए लगने वाली लागत के अनुमान के साथ दी जाने वाली अंतिम रिपोर्ट पर 14 लाख रुपए का भुगतान करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है. स्थायी समिति के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में 50 प्रतिशत निधि प्रन्यास से प्राप्त करने का प्रयास होने की जानकारी दी गई, जबकि दिसंबर अंत तक प्रन्यास बर्खास्त होने पर पूरी जिम्मेदारी मनपा पर ही होगी.