Published On : Fri, Sep 13th, 2019

उदयनराजे क्या संघ स्वीकार करेंगे ?

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नागपुर: उदयन राजे कुछ दिनों में भाजपा में प्रवेश करेंगे यह भले ही निश्चित है. लेकिन क्या भाजपा की आरएसएस को उदयन राजे स्वीकार करेंगे ? यह प्रमुख सवाल है. क्योकि उदयन राजे भोसले छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज है. सातारा में उदयन राजे का अलग ही दबदबा कायम रहा है.महाराष्ट्र में केवल शिवाजी महाराज के वंशज के रूप में लोग उनका सम्मान करते है. उनके बात करने में उनके बर्ताव में अलग ही रुबाब रहता है, यह छोड़कर वे भगवे के सामने झुकेंगे क्या .क्योकि वे शिवाजी महाराज के वंशज है यही बात उनके सिर पर सवार होती है. सही बात तो यह है की छत्रपती संभाजी राजे भोसले और उदयन राजे में बहोत फर्क है. शिवाजी के सही में वंशज के रूप में संभाजी राजे भोसले ही जचते है.

संघ कहता है जिजाऊ ने शिवाजी महाराज को बनाया है और शिवाजी ने स्वराज्य स्थापन किया . स्व ‘ राज्य यानी खुद का राज्य निर्माण करना कोई आसान बात नहीं थी. शिवाजी महाराज ने जिजाऊ के आशीर्वाद से और मां भवानी के आशीर्वाद से स्वराज्य निर्माण किया . तलवार के जोर पर उन्होंने राज्य अबाधित किया . जनता की सेवा की. ऐसे शिवसुर्य के वंशज भाजपा में आ रहे है यह ख़ुशी की बात है.लेकिन उदयनराजे की तरफ देखकर ऐसा लगता है यह शिवाजी महाराज के वंशज है क्या ? राष्ट्र गुरु समर्थ रामदास स्वामी को उदयनराजे कितना मानते है यह भी एक सवाल है. कुल मिलाकर उदयनराजे का बर्ताव देखकर तो ऐसा ही लगता है की समर्थ का एक भी गुण इनमे नहीं है. वे इतने बड़े राज्य के वंशज है इसकी थोड़ी भी कल्पना उदयनराजे को होनी थी. डॉक्टरों ने स्वयंसेवको को शिवाजी महाराज ही हमारे आदर्श है ऐसा बताया था.

भाजपा में आने से भाजपा का फायदा है कि की खुद उदयन राजे का . यह आनेवाला समय ही बताएगा . पिछले चुनाव में राष्ट्रवादी को उदयन राजे का कितना फायदा मिला यह भी देखना चाहिए .भाजपा पार्टी कौन सा विचार करके उदयन राजे को पार्टी में शामिल कर रही है. यही समझ नहीं आ रहा है.राष्ट्रवादी कांग्रेस को अगर कमजोर करने का विचार हो रहा होगा तो वैसे भी राष्ट्रवादी कमजोर हो चुकी है.कांग्रेस भी काफी कमजोर हो चुकी है. ऐसे में आनेवाले चुनाव में भाजपा सत्ता में आएगी यह मात्र निश्चित है.

उदयन राजे भोसले ने शिवाजी का आदर्श लेना चाहिए . भाजपा के विचार समझने चाहिए . अनुशासन महत्व का है. उन्होंने संघ को अपने आपसे जोड़ना चाहिए . राजे विजयादशमी के उत्सव में भाजपा के सभी नेता फुल पैंट में रहते है तो राजे ने भी फुल पैंट पहनना चाहिए . लेकिन यह राजे खुद की मर्जी से नहीं करेंगे . लेकिन ठीक यह भाजपा की कसौटी है भाजपा राजे के साथ किस तरह से समन्वय साधती है यह महत्वपूर्ण है.

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By Shamanand Tayde

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