Published On : Fri, Aug 11th, 2017

अंधेरे का मंच

Advertisement

हॉल में घुप अंधेरा है। तमाम सीटें भरी हैं। थोड़े-से, ख़ास लोगों के लिए, सीटों के आगे आरामदेह सोफ़े लगाए गए हैं। खिड़कियों-दरवाज़ों के पास, कुछ दर्शक मंच पर आंखें टिकाए खड़े हैं। अंधेरे के कारण, दर्शकों की आंखें किसी एक बिंदु पर नहीं ठहर पाती हैं। एक इंतज़ार है, जो आंखों में रोशनी का आभास बनकर तैर रहा है। दर्शक जानते हैं, परदा हटते ही मंच पर रोशनी फैल जाएगी। रोशनी की हल्की परछाई हॉल में बैठे दर्शकों के चेहरों को अपने वजूद का एहसास कराएगी। ये परछाई कुछ अगली क़तारों तक ही सिमटी रहेगी। हॉल का बाक़ी हिस्सा गहरे अंधेरे में ही डूबा रहेगा।

अचानक, मचं के इर्द-गिर्द एक हल्की पार्श्व-ध्वनि सुनाई देती है। मंच पर फैला परदा दो दिशाओं में सिमटने लगता है। धीरे-धीरे, जैसा कि अनुमान था, मंच पर, रोशनी के बगोले उभरते हैं। पार्श्व-ध्वनि की लहरें तेज़ होने लगती हैं। रोशनी और ध्वनि की लय का संतुलन दर्शकों को रोमांचित करता है। रोशनी का आभास उनके विश्वास में बदल जाता है।

Gold Rate
June 152026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 51,300 /-
Gold 22 KT ₹ 1,40,300 /-
Silver/Kg ₹ 2,51,300/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

परदा मंच की दीवारों से सट गया है। स्क्रीन के पीछे से, स्याह लबादे में लिपटा, अपने समय का मशहूर जादूगर मंच पर सरक आया है। आहिस्ता-आहिस्ता, वो मंच के मध्य-भाग में पहुंचता है। मंच पर, इस वक्त, उसके सिवा और कोई नहीं है। पार्श्व-ध्वनि पूरी तरह थम गई है।

जादूगर के सिर पर काले रंग की पगड़ी बंधी है। एक हाथ में किसी कंकाल का मुंड है, जिसे सफ़ेद रंग से पेंट किया गया है। दूसरे हाथ में, किसी कंकाल की टूटी हड्डी है। जादूगर ने उसे भी सफ़ेद रंगा हुआ है। जादूगर के चेहरे पर डर पैदा करने वाली चमक है। आंखों की पुतलियां तेज़ी से ऊपर-नीचे घूम रही हैं।

दर्शकों ने जादूगर के मंच पर आते ही ज़ोरदार तालियां बजाई हैं। जो दर्शक आगे, सोफ़ों पर, विराजे हैं, उनकी तालियां, दूसरों के मुकाबले, ज़्यादा मुखर और दमदार हैं। रोशनी की एक हल्की लकीर तैरती हुई उनके चेहरों को आलोकित करती है। यह लकीर कुछ पल के लिए उनके चेहरों पर टिककर वापस मंच की ओर रेंगने लगती है। मंच अब पूरी तरह रोशनी में नहाया हुआ है।

जादूगर की आंखें हॉल में फैले अंधेरे को तौल रही हैं। वो आश्वस्त होना चाहता है कि उसके जादूई करतब किस हद तक दर्शकों को रोमांचित कर सकते हैं। वो अपने हाथों के मुंड और हड्डियों के टुकड़े को नचाकर दर्शकों के मन में उत्सुकता के भाव पैदा करता है।

अगली क़तार में, अपने परिवार के साथ आए बच्चे, थोड़ी देर के लिए, सहम जाते हैं। आज से पहले, उन्होंने कभी इंसानी खोपड़ियां या हड्डियां नहीं देखी थीं। जादूगर ने उनकी आंखों में ख़ौफ़ की तरंगें पैदा कर दी हैं।

जादूगर दर्शकों के बीच फैले ख़ौफ़ की अनदेखी नहीं कर सका। उसने कुछ हल्के-फुल्के तमाशे दिखाकर उनका ख़ौफ़ दूर करना चाहा। मसलन, अपने लबादे की जेब से बोलने वाला एक तोता निकालकर जादूगर ने दर्शकों को हंसाने की कोशिश की। हंसना तो दूर, बच्चों या बड़ों के चेहरे पर मुस्कुराहट तक नहीं आई। अपनी विफलता भांपकर जादूगर ने नई रणनीति अपनाई। दर्शकों की पहली क़तार से एक कम-उम्र बच्चे को उसने इशारे से मंच पर बुलाया। उससे पूछा, गाना गाते हों? नहीं, बच्चे ने जवाब दिया। जादूगर ने बच्चे को माइक के आगे खड़ा करते हुए एलान किया, देखिए, यह बच्चा गाना नहीं गाता, पर आपकी फ़रमाइश से, आपकी पसंद के गाने गाएगा। अपनी आंखें बंद करके जादूगर ने हवा में मुंड और हड्डी उछाली। दर्शकों से उनकी पसंद पूछी और मंच पर खड़े बच्चे को गाने का जादूई आदेश दिया।

माइक के सामने खड़ा बच्चा, महिला की आवाज़ में, बरसों पुरानी किसी फिल्म का गाना गाने लगा। हॉल में बैठे दर्शकों ने तालियां बजाईं। उनका ख़ौफ़ दूर होने लगा। गाना ख़त्म होते ही, दूसरी फ़रमाइश आई। इस बार, किसी पुरुष गायक की आवाज़ में, बच्चे ने गीत गाया। बिल्कुल सधी हुई आवाज़, बैकग्राउंड म्यूज़िक के बिना।

फ़रमाइश एक के बाद दूसरी, फिर तीसरी-चौथी आती रही। मंच पर अपने करतब दिखाकर जादूगर ने हॉल में अपना प्रभाव जमा लिया है। अब वो आश्वस्त है। उसने, दोबारा, खोपड़ी घुमाई और हवा में हड्डी लहराई। दर्शकों ने उसके मंत्र बुदबुदाने की आवाज़ सुनी। हॉल में एक विस्फोट-जैसा कुछ हुआ। दर्शक अपनी-अपनी सीट पर बैठे हिल गए। एक क्षण के लिए, मंच अंधेरे में डूबा, लेकिन रोशनी पहले से ज़्यादा तेज़ होकर लौटी।

अब मंच पर जादूगर बिल्कुल सफ़ेद लिबास में नज़र आ रहा है। उसके सिर पर सफ़ेद पगड़ी बंधी है, और हाथों में खोपड़ी या हड्डी का टुकड़ा नहीं है। उसने अपने दोनों हाथ शून्य की ओर फैला रखे हैं। जादूगर की हथेलियों से लहू की धार बह रही है। मंच के मध्य में खड़ा जादूगर क़हक़हे लगा रहा है!

हॉल में बच्चों के चिल्लाने की आवाज़ गूंजती है। एक अफ़रातफ़री फैल जाती है। दर्शक सीटें छोड़कर भागने लगते हैं। मंच पर फैली रोशनी अचानक गहरे अंधेरे में तब्दील हो जाती है। मंच के परदे अब भी दोनों किनारों पर सिमटे हुए हैं। सफ़ेद कपड़ों में लिपटा जादूगर मंच पर मौजूद नहीं है। अनगिनत इंसानी खोपड़ियां और कंकाल के टुकड़े हवा में तैर रहे हैं!

– Dr.Jabir Hussain

Advertisement
RTMNU के परीक्षा सिस्टम पर फिर उठे सवाल; एडमिट कार्ड में गलत विषय, छात्र परेशान.. #nagpurnews #rtmnu

RTMNU के परीक्षा सिस्टम पर फिर उठे सवाल; एडमिट कार्ड में गलत...

संविधान चौक पर सीजेपी का प्रदर्शन #nagpurnews #cockroachjanatapartyprotest #latestnews #newsupdate

संविधान चौक पर सीजेपी का प्रदर्शन #nagpurnews #cockroachjanatapartyprotest #latestnews #newsupdate

NAGPUR TODAY | TOP - 10 NEWS | 16 JUNE 2026 #news #latestnews #todaynews #today #maharashtranews

NAGPUR TODAY | TOP - 10 NEWS | 16 JUNE 2026 #news...

अजनी में युवक से 4 लाख अधिक की लूट.. #crime #nagpurnews #accusedarrest #latestnews

अजनी में युवक से 4 लाख अधिक की लूट.. #crime #nagpurnews #accusedarrest...

टिमकी चीमाबाई पेठ में 6 घरों में चोरी.. #crime #nagpurnews #accusedarrest #latestnews

टिमकी चीमाबाई पेठ में 6 घरों में चोरी.. #crime #nagpurnews #accusedarrest #latestnews

16 नगरसेवकों ने गुटनेता बदलने की मांग ... #latestnews #politicsnews #maharashtranews #maharashtra

16 नगरसेवकों ने गुटनेता बदलने की मांग ... #latestnews #politicsnews #maharashtranews #maharashtra

GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges