Editor in Chief : S.N.Vinod    |    Executive Editor : Sunita Mudaliar
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Published On : Sun, Aug 12th, 2018

स्मार्ट सिटी में रोजाना 2500 वाहनों के ई-चालान शहर में 4,000 सीसीटीवी कैमरों के साथ नागपुर पुलिस की निगहबानी शुरू हो गई है.

नागपुर: ट्राफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले, बाइक स्टंटबाज और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर स्मार्ट सिटी की तीसरी आंख पूरी तरह नज़रे गड़ाए है. स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत शहर में 4,000 सीसीटीवी कैमरों के साथ नागपुर पुलिस की निगहबानी शुरू हो गई है. शहर में चौराहों और मुख्य सड़कों पर कई जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से शहर यातायात पुलिस विभाग हर दिन करीब 2,500 ई-चालान काट रही है.

रिकार्डिंग की जांच के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों को कार्य पर लगाया गया है. 252 करोड़ की लागत के साथ शहर के 700 मुख्य मार्गों और चौराहों पर स्मार्ट सिटी अंतर्गत 4,000 सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम अप्रैल में ही पूरा हो चुका है.

इसके लिए ‘कमान कंट्रोल सेन्टर’ का निर्माण किया गया है, जिसमें एक सेंटर वाल स्क्रिन और 32 मानिटर्स लगाए गए हैं, जिनमें हर पल चौराहों और मुख्य मार्गों की वीडियो रिकार्डिंग चलती रहती है. ट्राफिक विभाग के प्रशिक्षित पुलिस कर्मी सुबह से लेकर शाम तक रिकार्डिंग को खंगालते रहते हैं. चौराहे पर यातायात नियमों की अनदेखी जैसे हेलमेट नहीं पहनना, सिग्नल जंपिंग, सिग्नल बंद रहने पर वाहन लेकर जाने वाले वाहन चालकों पर ई-चालान कार्रवाई की जा रही है.

बनाए गए 5 जोन
एक पुलिस कर्मी ने बताया कि यातायात ट्राफिक विभाग ने ई-चालान के माध्यम से चालकों पर कार्रवाई करने के लिए शहर को 5 जोन में विभाजित कर दिया है, जिसे चेम्बर का नाम दिया गया है. हर एक चेम्बर में 5 से 6 पुलिस थाने आते हैं. इन पांच चेम्बरों में एमआईडीसी स्थित चेम्बर 1, मीठानीम स्थित चेम्बर 2, मेयो स्थित चेम्बर 3, अजनी स्थित चेम्बर 4 और इंदोरा चौक स्थित ट्राफिक चेम्बर 5 का समावेश है. हर एक चेम्बर के पुलिस कर्मी हर दिन सीसीटीवी कैमरों की मदद से करीब 500 वाहनों के छायाचित्र निकालते हैं जिन्होंने ट्राफिक नियमों का उल्लंघन किया हो.

इस प्रक्रिया के बाद अपने-अपने चेम्बर में जाकर गाड़ी नंबर के आधार पर वाहनधारक का पता निकाला जाता है और हेलमेट नहीं पहनना, सिग्नल जंपिंग, जेब्रा क्रासिंग उल्लंघन करने वालों को ई-चालान भेजा जाता है. पोस्ट के माध्यम से ई-चालन वाहन धारकों के घर भेज दिया जाता है. मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत नियमों के तोड़ने के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है. इसके अलावा मोबाइल नंबर रजिस्टर होने पर उसी दिन मोबाइल पर मैसेज भेज दिया जाता है.

10 चौराहों के सिग्नल कंट्रोल सेंटर से नियंत्रित
मनपा ने शहर में सीसीटीवी लगाने से लेकर व्यवस्थापन का काम निजी कम्पनी एल एंड टी के स्मार्ट वर्ल्ड एंड कम्यूनिकेशन को दिया है. कम्पनी स्मार्ट सिटी सोल्यूशन प्रोजेक्ट, सिटी सिविलियन्स और एएनपीआरएलवीडी के ई-चालान परियोजना पर कार्य कर रही है. कमान कंट्रोल सेन्टर में कम्पनी के कर्मचारी और पुलिस कर्मी एक साथ मिलकर शहर के सभी चौराहों पर नज़र गड़ाए हुए हैं.

इतना ही नहीं कमान कंट्रोल सेंटर से ही अब चौराहों पर लगे ट्राफिक सिग्नल को कंट्रोल किया जा रहा है. आरेंज सिटी चौक, जापनीज गार्डन चौक समेत 10 चौराहों पर नए सिग्नल लगाए गए हैं जिन्हें पूरी तरह कंट्रोल सेंटर से नियंत्रित किया जा रहा है.

अपराधमुक्त शहर बनाना लक्ष्य
नागपुर शहर को अपराधमुक्त शहर बनाने का सपना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देखा था. वह चाहते थे कि नागपुर में भी मुंबई, पुणे और हैदराबाद की तरह सीसीटीवी कैमरे लगें. सीसीटीवी कैमरे को लगाने के पीछे शहर में होने वाली घटनाओं में आरोपियों की धरपकड़ करने में मदद मिले, यह मुख्य उद्देश्य भी शामिल है.

Bebaak
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