Published On : Mon, Apr 20th, 2015

मोदी को खुश करने के लिए बहुधंधी कम्पनी ने पाजिटिव न्यूज छापने का निर्णय किया

सत्ता के गलियारे से –  – कृष्णमोहन सिंह

नई दिल्ली: एक कम्पनी  माइन्स ,पावर प्लांट , बिल्डर,शैक्षणिक धंधे से लगायत कई भाषा में अखबार निकालने तक का काम करती है। उसके पावर व माइन्स आदि  प्रोजेक्ट्स जांच में फंसे हैं। केन्द्र सरकार की कृपा होने पर ही गला बचेगा और लाभ होगा। सो उसके चतुर धंधेबाज मालिक सेठ ने एक सोची-समझी  चाल के तहत हप्ते में एक दिन केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उनकी सरकार की प्रशंसा ,तरफदारी वाली ही खबरें छापने का न केवल ऐलान किया है बल्कि शुरू भी कर दिया।और सेठ जी ने इसके बारे में नरेन्द्र मोदी को  कीर्तनी भाव से पत्र लिखकर अवगत भी करा दिया है। जिसपर मोदी इतने गदगद हो गये कि विदेश दौरे के दौरान ही बड़े फख्र से इसके बारे में लोगों को बताया।

पर सच्चाई यह है कि पत्रकारिता में ऐसी खबरों को भांटगिरी वाली खबरें कहा जाता है। ऐसी ज्यादेतर खबरें विज्ञापन कम्पनियां ,राजनीतिक दल या लाइजनिंग कम्पनियां पैसा देकर छपवाती हैं।सरकारें व मंत्रालय भी अपने किये कार्यों व उपलब्धियों वाली खबरें विज्ञापन के मार्फत छपवाते हैं। ऐसे में जब सेठ  ने अपनी माइन्स व पावर प्लांट आदि बचाने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा वाली खबरें छापने का निर्णय किया है तो यह तो  शुद्ध रूप से धंधा कर रहे हैं और जो जनता सही खबरें और खबरों व प्रचार के पीछे की असलियत जानने के लिए पैसा देकर अखबार खरीद रही है,उसके साथ विश्वासघात कर रहे हैं।

रही बात मोदी के प्रसन्न होने की तो कोई प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री या अफसर तो चाहेगा ही की अखबार व टीवी चैनल्स व अन्य माध्यम  उसके व उसकी सरकार के बारे में अच्छी – अच्छी प्रशंसा वाली खबरें  लिखें। उसके व सरकार के भ्रष्टाचार और हर निर्णय के अन्दर के असली खेल को उजागर नहीं करें। यह तो पत्रकारिता न होकर  केवल सेठ  व सत्ताधारी नेताजी लोगों के लाभ वाला धंधा हो जायेगा।

मोदी अमेरिका से लाखों करोड़ का लड़ाकू विमान आदि खरीदें इस चाल के तहत उनके प्रशंसा में ओबामा लिखे हैं लेख : अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बहुत प्रशंसा वाला लेख  टाइम पत्रिका में लिखा है। अमेरिका में बाराक ओबामा की साख घट रही है । नरेन्द्र मोदी सरकार को कई लाख करोड़ रूपये से अधिक के लड़ाकू विमान , अस्त्र –शस्त्र आदि खरीदने हैं। फ्रांस , जर्मनी , इंग्लैंड,रूस,इजराइल,इटली आदि देशों की तरह अमेरिका भी इस होड़ में लगा है कि  भारत उसके यहां से ये संबंधित सामान अधिक से अधिक खरीदे।

अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा भी उसी रणनीति के तहत इन दिनों नरेन्द्र मोदी को प्रसन्न करने के लिए हर तरह की हिकमत लगा रहे हैं। यदि भारत ने अमेरिका से 1 लाख करोड़ रूपये के भी लड़ाकू विमान आदि खरीदने का सौदा कर लिया तो इससे अमेरिका की कई  कम्पनियों के दिन फिर जायेंगे और बाराक व उनकी पार्टी को इसका बहुत लाभ मिलेगा।

इधर ओबामा व अमेरिका के खुश रहने से नरेन्द्र मोदी को बहुत लाभ मिलेगा।मालूम हो कि ओबामा व अमेरिकी नेता इसी तरह से मनमोहन सिंह की भी बहुत प्रशंसा करते रहे हैं। उनको तो गुरू कहते रहे हैं।यूंही नहीं मनमोहन ने अमेरिका से न्यूक डील नहीं होने पर इस्तीफा  देने की धमकी देकर मैडम सोनिया व अन्य कांग्रसी नेताओं से अपनी जिद मनवाने पर मजबूर किया था।