Published On : Sat, Nov 3rd, 2018

बाघिन अवनि मारी गई, अनुमान- 14 लोगों का किया था शिकार

Advertisement

नागपुर: यवतमाल जिले के पांढरकवड़ा के वन क्षेत्र में बाघिन अवनि (टी-1) को शुक्रवार देर रात मार दिया गया। अनुमान है कि दो साल में उसने 14 लोगों को अपना शिकार बनाया था। उसे खत्म करने के लिए 200 लोगों की टीम लगाई गई थी। दूसरी, तरफ उसे बचाने के लिए प्रयत्न और सेव टाइगर एनजीओ ने ‘लेट अवनी लिव’ अभियान चलाया था। उन्होंने अवनि को न मारने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।

वन्यजीव प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे की भोपाल स्थित एनजी

ओ ‘प्रयत्न’ और सेव टाइगर कैम्पेन के सिमरत सिंधू ने बाघिन को शूट करने के वन विभाग के आदेश को पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी थी। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सितम्बर में इस दया याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को कायम रखा था।

Advertisement

नरभक्षी होने की पुष्टि हुई थी
डीएनए जांच, कैमरा ट्रैप्स और पंजों के निशानों के चलते जांचकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि पांच साल की यह मादा बाघ अब आदमखोर हो गई है और मानव मांस के लिए शिकार कर रही है।

खास परफ्यूम इस्तेमाल किया ताकि बाघिन नजदीक आए
अवनि को आकर्षित करने के लिए एक खास कंपनी का मेल परफ्यूम इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि वह उसकी गंध से सर्च टीम के करीब आए। इसके लिए अमेरिका की एक घटना का उदाहरण दिया गया। 2010 में छपी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक- एक खास तरह के परफ्यूम की गंध की वजह से दो तेंदुए 11 मिनट तक शिकार छोड़कर आसपास ही घूमते रहे थे

100 कैमरों से रखी गई नजर
बाघिन को पकड़ने के लिए 100 कैमरे लगाए गए थे। गोल्फर ज्योति रंधावा के शिकारी कुत्तों और पैराग्लाइडर्स को भी अवनि को ढूंढने के काम में लगाया गया था। उसे मारने के लिए वन विभाग ने हैदराबाद से शार्पशूटर नवाब शौकत को भी बुलाया था। उनके पास 500 जंगली जानवरों का शिकार करने का अनुभव है।

 

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.