Published On : Sat, Mar 2nd, 2019

जो जवानी देश के काम नहीं आती वो जवानी किसी काम की नहीं- पं. देवकीनंदन ठाकुर

रेशमबाग से निकली भव्य तिरंगा यात्रा, शामिल हुए हजारों देशभक्त

नागपुर: जो जवानी देश व धर्म के काम नहीं आती वो जवानी किसी काम की नहीं. आज हमारे देश में विषम परिस्थितियां हैं। हर मां- पिता अपने बच्चों को यही चीजें सिखाते हैं पढ़ो, लिखो और कमाने लायक बन जाओ। हमारे अधिकांश सैनिक गांव से आते हैं, कभी सोचा है कि अधिकांश सैनिक शहरों से क्यों नहीं आते क्योंकि हम लोगों को अपने देश की चिंता कम और अपने पेट की चिंता ज्यादा है।

उक्त उद्गार आज रेशमबाग मैदान के शांति सेवा धाम से निकली तिरंगा यात्रा के पूर्व शांतिदूत धर्मरत्न श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने श्रद्धालु देशभक्तों के समक्ष व्यक्त किए। तिरंगा रैली पदयात्रा में हजारों की संख्या में नागरिक वीर सैनिकों का मनोबल बढ़ाने व उनके प्रति सम्मान प्रदर्शित करने हेतु शामिल हुए। यह रैली रेशमबाग मैदान से निकलकर मेडिकल चैक स्थित राजाबाक्षा मंदिर पहुंची। मार्ग पर वंदे मातरम् व भारत माता की जय घोष करते हुए सभी आगे बढ़ रहे थे। पदयात्रा का नेतृत्व पं. देवकीनंदन ठाकुर कर रहे थे।

तिरंगा रैली से पूर्व कथा पंडाल में होली महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जिसमें राधारानी -श्री कृष्ण की सुंदर सजीव झांकी पर गुलाब के पुष्पों की वर्षा कर होली मनाई गई। ठाकुर जी महाराज ने एक से बढ़कर एक श्री कृष्ण के भजनों की झड़ी लगा दी। ‘रंग में रंगे नंदलाल, सखी बरसाने में….’, ‘उड़त गुलाल, लाल भई मथुरा … आज बिरज में होली रे रसिया…’ पर भक्त झूम उठे। आज के उत्सव यजमान मंजू अनंत अग्रवाल परिवार व दत्ता मेघे परिवार थे।

ठाकुर महाराज ने आगे कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है उसके बावजूद भी कुछ स्वार्थी नेता हर चीज का सबूत मांग लेते हैं। इस कठिन परिस्थिति में भी अगर हम सबूत मांगते हैं तो धिक्कार है ऐसे भारतीय होने पर। उन्होंने देश के युवाओं से निवेदन करते हुए कहा कि सिर्फ पढ़ाई, नौकरी ही पर्याप्त नहीं है, रोटी, पढ़ाई, नौकरी, शादी यह सब तब काम आते हैं जब देश सुरक्षित होगा।

यहां पर आतंकवाद का साया हर वक्त मंडराता रहेगा तो इसका क्या फायदा। रोटी तो होगी लेकिन चैन नहीं होगा, बिस्तर तो होंगे पर नींद नहीं होगी, बच्चे तो होंगे पर उनके चैन से रहने की चिंता हर वक्त रहेगी इसलिए हर माता पिता रोटी कमाना सिखाएं तो जरूर लेकिन यह जरूर बताएं कि जो धरती है यह हमारी माँ है और इस माँ की सुरक्षा करना सिर्फ सेना का कर्तव्य नहीं है बल्कि जिसने इस मिट्टी को छुआ है, अन्न खाया है, जल पिया है, जिसने भी भारत में जन्म लिया है उन सबका कर्तव्य है।

महाराज ने जवानों की वीरता का बखान करते हुए कहा कि हम लोग घर में बैठे रहते हैं और घर में बैठकर खाने-पीने और बच्चे पालने की चिंता करते हैं तो एक दिन कम से कम ऐसा निकालना चाहिए की उन परिवार वालों के बारे में भी सोचा जाए जिनके बच्चे बॉर्डर पर खड़े हैं। जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन ने गजब का पराक्रम दिखाया है, पाकिस्तान में जाकर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। महाराज श्री ने वंदेमातरम गीत के साथ पूरे पंडाल का उत्साहवर्धन किया। पंडाल में जहां तक नजर जा रही थी वहां तक हाथों में तिरंगा लिए हुए लोग नजर आ रहे थे। भारत माता के जयकारों से पूरा पंडाल गूंजायमान हो उठा, यह हर किसी के लिए गौरव का क्षण था।