Published On : Sat, Nov 25th, 2017

मेडीकल “कॉलेज विकास शुल्क” का विद्यार्थी कर रहे हैं विरोध

GMCH, Nagpur
नागपुर: शहर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों से कॉलेज प्रबंधन की ओर से ”कॉलेज विकास शुल्क ” के नाम से हर वर्ष 5 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं. जिसका अब विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं. इस मनमाने शुल्क के बारे में विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेज के डीन से भी शिकायत की लेकिन उनका कहना था कि डीएमईआर (वैद्यकीय शिक्षा व संशोधन संचानालय ) की ओर से नियम है. लेकिन अब इस शुल्क को लेकर मेडिकल हॉस्पिटल के मार्ड के डॉक्टरों ने डीएमईआर (वैद्यकीय शिक्षा व संशोधन संचानालय ) और सेंट्रल मार्ड को भी पत्र लिखा है और इस शुल्क को बंद करने की मांग है.

मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे अंडरग्रेजुएट विद्यार्थी करीब एक हजार हैं तो वहीं पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थीयों की संख्या 400 के लगभग है. 5 हजार रुपए के हिसाब से अगर इन विद्यार्थियों का हिसाब लगाया जाए, तो इसकी कुल रकम लाखों में होगी. इसमें ख़ास बात यह है कि जिस कॉलेज को सरकार की तरफ से अनुदान नहीं मिलता है वह थोड़ा बहुत शुल्क विद्यार्थियों से वसूलते हैं और उससे कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रयत्न किए जाते हैं. लेकिन मेडिकल हॉस्पिटल और कॉलेज सरकारी है. यहां का सभी खर्च सरकार की ओर से किया जाता है. कॉलेज प्रबंधन की ओर से केवल सरकार के पास कॉलेज में लगे खर्च से संबंधित बिल भेजने होते हैं. बावजूद इसके विद्यार्थियों से इस तरह से विकास शुल्क के नाम पर 5 हजार रुपए की वसूली नियमों के खिलाफ है.

विद्यार्थियों का कहना है कि विकास के नाम पर कुछ भी सुविधा विद्यार्थियों को नहीं दी जा रही है. कई महीने पहले होस्टल में वायफाय लगाने के लिए मांग की गई थी, लेकिन अब तक वायफाय शुरु नहीं किया गया है.

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement