Published On : Mon, Oct 8th, 2018

आरटीआई में पूछे गए सवालों का खनिकर्म विभाग ने दिया गोलमोल जवाब

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नागपुर: पत्थर से पैसे बनाने का काम माइनिंग में होता है। सरकार को राजस्व का चूना लगाकर खनिज की चोरी का काम नागपुर जिले में भी धड़ल्ले से जारी है। आये दिन इस अवैध कारोबार को खुलासा कुछ कार्रवाईयों की वजह से सामने भी आता है। ऐसा ही मामला 1 सितंबर को वाड़ी क्षेत्र में सामने आया जब खड़गांव रोड पर खनिकर्म विभाग ने एक ट्रक को पकड़ा ,ट्रक में बोल्डर ( गिट्टी ) भरा था जिसका अवैध तरीके से उत्खनन किया गया था। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक खनिकर्म अधिकारी आर के ठवरे ने छापा मारा और ट्रक क्रमांक MH -27 A 3213 को माल सहित जप्त किया। इस कार्रवाई के दौरान जानकारी सामने आयी की ट्रक में बरामद माल को वाड़ी की खड़गांव की खदान से अवैध रूप से खुदाई कर निकाला गया है। मामला सामने आने के बाद खनिकर्म विभाग के अधिकारियो ने ट्रक के मालिक नागपुर निवासी चेतन हिरणवार पर 2 लाख 15 हजार 800 रूपए की पैनल्टी लगाकर ट्रक को छोड़ दिया गया। लेकिन सवाल उठता है की जब ट्रक में बरामद माल अवैध था तो उसको जप्त क्यूँ नहीं किया गया। जिस जगह से खनिज पदार्थ का उत्खनन हुआ वहाँ खुदाई के लिए मशीनें लगाई गई होगी। ज़मीन में खुदाई करने की इजाज़त नहीं होगी तो कार्रवाई पूरी तरह से क्यूँ नहीं की गई। क्या इस मामले में खनिकर्म विभाग की भी लिप्तता है।

मिला गोलमोल जवाब – आरटीआई कार्यकर्त्ता
ये सवाल आरटीआई कार्यकर्त्ता एडवोकेट आशीष कटारिया ने भी उठाया। आशीष ने बाकायदा खनिकर्म विभाग में आरटीआई दर्ज कर मामले की पूरी जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। उनके आवेदन का जवाब देते हुए विभाग ने सिर्फ सतही जानकारी दी। आशीष का कहना है कि इस मामले में दाल में कुछ काला जरूर है। उन्होंने स्पस्ट तौर पर जानकारी माँगी की थी। ट्रक में अगर लाखों का माल था तो उसे छोड़ा क्यूँ गया। जिस जगह से खनिज को निकाला गया वह खड़गांव में कहाँ है उस ज़मीन का खसरा नंबर,पट्टा नंबर कितना है। 29 सितंबर 2018 को किये गए आवेदन का जवाब आशीष को लगभग एक महीने बाद 6 अक्टूबर 2018 को मिला वो भी आधा अधूरा। आशीष ने मामले की जानकारी फिर प्राप्त करने के लिए 6 तारीख को ही फिर से आवेदन किया है। आशीष की माँग है की माइनिंग ऑफिसर श्रीराम कडु मामले की संजीदगी को समझते हुए इसकी जानकारी सार्वजनिक करे। जिससे अगर कोई लापरवाही हो रही तो उसका खुलासा हो और आगामी समय में होने वाले राजस्व नुकसान को बचाया जा सके।

जिले में बड़ा खेल
अवैध उत्खनन का बड़ा खेल जिले में चल रहा है। आम तौर पर खनिज पदार्थ के उत्खनन के लिए जिला प्रसाशन जगह सुनिश्चित करता है और नियमित अवधि के लिए उत्खनन की इजाजत दी जाती है लेकिन जिले के ग्रामीण भागो में ज़मीन से पत्थर निकालकर काला पैसा बनाने का खेल जारी है। इससे इस काम को करने वाले और मिलीभगत में लगे लोग तो मालामाल हो रहे है लेकिन बड़े पैमाने पर नुकसान सरकार के राजस्व को होता है। अकेले नागपुर जिले में करोड़ के नुकसान का अंदेशा है।

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