Published On : Wed, Aug 7th, 2019

गोंदियाः बेशकीमती सागवान के लठ्ठे व चिरान से लदी मेटाडोर जप्त

Advertisement

इतने चेक पोस्ट को पार कर आखिर कैसे जंगल में घुस जाते है वाहन के साथ वन तस्कर?

गोंदिया। प्रचुर वनसंपदा से घिरे गोंदिया जिले के घने जंगलों में बड़े पैमाने पर बेशकीमती सागवान के झाड़ है किन्तु वन अधिकारियों की आखों में धूल झोंक कर रात के अंधरे में जनरेटर पर चलने वाली आरी ब्लेड लेकर कई लकड़ा तस्कर, वाहनों के साथ घने जंगलों में प्रवेश कर जाते है तथा बहुमुल्य सागौन के पेड़ काटकर उसकी अवैध तस्करी की जाती है।

घटना 6 अगस्त को सालेकसा तहसील के कचारगढ़ क्षेत्र से लगे कक्ष क्र. 447 व 448 में उजागर हुई। रात के वक्त गश्त में जुटे वनपरिक्षेत्राधिकारी एस. एच. पिंजारी (एफडीसीएम सालेकसा) व उनके अधिनस्थ कर्मचारी तथा वनरक्षक सी.वी ढोमने, ए.एन. घोडेस्वार, के.जी. सुर्यवंशी, पी.एम. हुमने, आर.वी. तुपटे, पी.पी. कटरे की टीम सामुहिक रूप से जंगल परिसर में जिप्सी तथा मोटर साइकिल से गश्त कर रहे थे इसी दौरान मोटर साइकिल की आवाज और लाइट देखकर एंव हलचल भांपते ही अज्ञात वनतस्कर रात के अंधेरे का लाभ उठाकर अपना अस्तित्व छुपाते हुए घने जंगल में फरार हो गए।

जब वनाधिकारियों ने टाटा 407 मालवाहक मेटाडोर गाड़ी क्र. एम.एच. 40/वाय. 4899 की तलाशी ली तो उसमें 10 बड़े कटे हुए सागवान के झाड़ (1.072 घनमीटर) बेशकीमती सागवान बरामद हुआ।

Advertisement

वनाधिकारियों ने जंगल के भीतर अनाधिकृत रूप से दाखिल होकर सागवान के लठ्ठे एंव चिरान ले जाने में जुटी गाड़ी का जब्ती पंचनामा तैयार किया तथा स्थानिक ड्राइवर की मदद से इस सागवान लदे वाहन को सालेकसा वन कार्यालय लाया और गाड़ी जब्ती बाबद सालेकसा पुलिस स्टेशन में वनपरिक्षेत्राधिकारी (एफडीसीएम लि. सालेकसा) द्वारा रिपोर्ट दर्ज करायी गई है।

अब इस प्रकरण के संदर्भ में गोंदिया वनविभाग का उड़न दस्ता तथा वनपरिक्षेत्राधिकारी फरार वन तस्करों की तलाश में जुटे है। प्रकरण की जांच जारी है।

…रवि आर्य

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.