Published On : Tue, Dec 17th, 2019

खातेदारों की रकम हड़पकर पतसंस्था का अध्यक्ष फरार

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गोंदियाः निवेशकों को लगाया १.१० करोड़ का चूना, ३ पर मामला दर्ज

गोंदिया: रिजर्व बैंक के नियम, कायदे, कानूनों को ताक पर रखकर गोंदिया जिले में कई सहकारी पतसंस्थाएं आर्थिक व्यवहार कर रही है। इन संस्थाओं का मैनेजमेंट लोगों को यह भरोसा दिलाता है कि, उनकी संस्था में तिमाही, छमाही और सालाना अवधी के अंतर्गत बढ़िया रिटर्न दिया जायेगा, लेकिन कुछ साल में ही कई पत संस्थाओं के खातों में धोखाधड़ी के बड़े मामले सामने आ ही जाते है।

ताजा घटना सालेकसा तहसील के साखरीटोला स्थित विदर्भ ग्रामीण बिगर शेती सहकारी पतसंस्था मर्या. साखरीटोला में उजागर हुई है। जिला विशेष लेखा परिक्षक कार्यालय के मार्गदर्शन में १ अप्रेल २०१८ से ३१ मार्च २०१९ तक किए गए ऑडिट पश्‍चात १ करोड़ १० लाख ८७ हजार १९४ रुपये के आर्थिक गबन का मामला सामने आया है। लिहाजा जून २०१९ से फरार चल रहे इस संस्था के साखरीटोला निवासी अध्यक्ष एवं संस्था की महिला कर्मचारी तथा संस्था का रिकार्ड मेन्टेन करनेवाले र्क्लक इन तीनों के खिलाफ सालेकसा थाने में १६ दिसंबर को फिर्यादी लेखा परीक्षक राजेश पांडुरंग बावनथड़े (४४ रा. प्रमाणित लेखा परीक्षक सहकारी पत संस्था आमगांव) की शिकायत पर धारा ४०६, ४०९, ४२०, ३४ का जुर्म दर्ज किया गया है।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपी यह संस्था का अध्यक्ष तथा अभिकर्ता है, इसने अपने २ अन्य के साथ आपसी सांठगांठ करते हुए संस्था के खाते में निवेशकों द्वारा विश्‍वास स्वरूप जमा किए गए पैसे की अफरातफरी की तथा कैश बूक में नकदी रकम कम बताकर संस्था के नगदी राशि का गबन किया तथा किसी भी ठोस कारण के बिना एक बड़ी रकम खुद के नाम पर अग्रिम उठाकर दर्शायी साथ ही आरोपी ने एजेंट के तौर पर अपने खातेदारों से जमा की गई राशि भी संस्था में न जमा करते हुए व्यक्तिगत रूप से उसका इस्तेमाल किया साथ ही बोगस कर्जधारकों को दर्शाकर संस्था के पैसे को कर्जस्वरूप वाटप दर्शाया, इतना ही नहीं संस्था के कामकाज में होनेवाले नियमित खर्च को अधिक बताकर इस तरह १ करोड़ १० लाख ८७ हजार १९४ रुपये की अफरातफरी करते हुए निवेदशकों के साथ अन्याय और विश्‍वास घात किया तथा संस्था को धोखाधड़ी और छल कपट का शिकार बनाया।

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बढ़ सकता है गबन का आंकड़ा – पीआई डुणगे
इस प्रकरण पर सालेकसा थाना प्रभारी राजकुमार डुणगे ने कहा- फिलहाल यह पतसंस्था (बैंक) चालु है, हमने १६ दिसंबर को लेखा परीक्षक की शिकायत पर संस्था अध्यक्ष, एक महिला कर्मी व र्क्लक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। निवेशकों की संख्या और फर्जीवाड़े की रकम का आंकड़ा बढ़ सकता है। हम पत संस्था के दफ्तर में नोटिस लगा रहे है कि, जिसके साथ भी धोखाधड़ी हुई है, वह सालेकसा पोलिस स्टेशन आकर शिकायत दर्ज कराये, इससे साक्षदार बनते जायेंगे? फिलहाल २०१८-१९ वित्तीय वर्ष का लेखा परीक्षक ने ऑडिट किया है, उसके बाद १ करोड़ १० लाख ८७ हजार १९४ रुपये के राशी का गबन मिला है।

वित्तीय वर्ष २०१६-१७ तथा वर्ष २०१७-१८ के विशेष ऑडिट की तैयारियां भी लेखा परीक्षण विभाग द्वारा की जा रही है, इस पतसंस्था का अध्यक्ष जून २०१९ से फरार है, पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश में जुटी है।

गौरतलब है कि, भारतीय अर्थ व्यवस्था में ढेरों उदाहरण है जहां पतसंस्था और कंपनीयां आम जनता के पैसे को कुछ समय में ही दुगुना करने का लालच देती है और जब खाता मैच्योर तथा पैसे लौटाने का समय आता है, तो यह भाग जाते है। गत दिनों गोंदिया के श्री टॉकिज चौक पर स्थित एक पतसंस्था की ऑडिट रिपोर्ट में ४ करोड़ का फर्जीवाड़ा सामने आया। डॉयरेक्टरों ने निवेशकों की रकम डूबो दी।

इस तरह की धोखाधड़ी में सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को होता है?

रवि आर्य

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