Published On : Fri, May 19th, 2017

देश में तेजी से बढ़ रहे है पीलिया के मरीज

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Medical pet
नागपुर:
 भारत में हर साल पीलिया से 3 लाख लोगों की जान जाती है. आज की स्थिति में “हिपॉटाईटिस-बी” के 40 लाख मरीज इस बीमारी का सामना कर रहे हैं. तो वहीं 12 लाख भारतवासी “हिपॉटाईटिस-सी” की बीमारी का सामना कर रहे हैं. गौर किया जाए तो हिपॉटाईटिस-बी और सी के वायरस का प्रसार भारत में ज्यादा हो रहा है. इसमें सौ में से 8 लोग हिपॉटाईटिस-बी के और एक या दो मरीज हिपॉटाईटिस-सी वाइसर से पीड़ित पाए जाते हैं. देश में कोई भी संसर्गजन्य बीमारी की इतनी बड़ी तादात नहीं होती. फिर भी डॉक्टरो का ऐसा कहना है कि हिपॉटाईटिस-बी और सी बीमारी भारत में गंभीर रूप धारण कर रही है. पीलिया के पांच प्रकार हैं, उनमें हिपॉटाईटिस-ए, बी, सी, डी और ई का समावेश है.

हिपॉटाईटिस-सी बीमारी पर इलाज करना आसान नहीं हैं. हिपॉटाईटिस-सी होने के बाद भी इस बीमारी का पता नहीं चल पाता. फिलहाल इससे लड़ने के लिए दवाई तैयार की जा चुकी है. डॉक्टरों का मानना है कि तीन महीने इस को नियमित लेने से मरीज ठीक हो सकता है. हालही में हुए एक अनुसंधान से यह पाया गया है कि अपने शरीर पर टैटू बनवाने से भी पीलिया हो सकता है. अमेरिका के डॉक्टरों की जांच में पता चला है कि टैटू से लिवर की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और टैटू बनवाने का और पीलिया का आपस में बहुत करीब का संबंध है.

पीलिया के बारे में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागप्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि हिपॉटाईटिस-बी और सी जैसी बीमारियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, नहीं तो 30 प्रतिशत मरीजों को लिवर सिरॉसिस होने की संभावना होती है. इसलिए हर व्यक्ति को पीलिया जैसी बीमारी की जांच करा लेनी चाहिए. जिन्हें पीलिया नहीं है उन्होंने हिपॉटाईटिस-बी की वैक्सीन लगवानी चाहिए. डॉ. गुप्ता ने मरीजों को सचेत करते हुए कहा कि जिस किसी को भी पीलिया के लक्षण दिखाई दें वे समय पर अपना इलाज करवाएं.

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