Published On : Tue, Dec 24th, 2019

मनपा में विकास अभियंता पद का महत्व नहीं

24 दिनों से प्रस्ताव आयुक्त के कक्ष में अपनी नज़रन्दाजगी पर आंसू बहा रहा

नागपुर – इन दिनों मनपा के आयुक्त स्तर के अधिकारियों पर काम का बोझ इतना ज्यादा बढ़ गया कि उनका कक्ष प्रस्तावों से भरा पड़ा हैं। जिनमें से महत्वपूर्ण प्रस्तावों का समावेश हैं। संबंधित विषय निकली या कोई पहुंचा तो ही प्रस्ताव पर जिरह या पहल हो रही। इस क्रम में पिछले माह विकास अभियंता का पद रिक्त हुआ लेकिन 24 दिन बाद इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी किसी को नहीं दी गई या फिर सेवानिवृत्त हो चुके विकास अभियंता को पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए कायम नहीं रखना,शायद इस पद का मनपा में कई महत्व नहीं।

याद रहे कि पूर्व में कुछ आयुक्त ऐसे भी थे जो बढ़ते काम का बोझ को हल्का करने के लिए अन्य कनिष्ठ आयुक्त स्तर के अधिकारियों में जिम्मेदारियां बांट दी थी। उनकी सीमा से ऊपर के जिम्मेदारियां खुद आयुक्त वहन किया करते थे,इससे आयुक्त अन्य कामों के लिए वक़्त निकाल पाते थे। लेकिन वर्तमान में आयुक्त का कामकाज इतना बढ़ गया कि जब तक कोई जिरह या गिड़गिड़ाता नहीं तब तक वह प्रस्ताव या उसका प्रस्ताव आयुक्त के कक्ष में आराम फरमाता महीनों पड़ा रहता। फिर चाहे कितना भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव क्यों न हो।

विकास अभियन्ता मनपा के महत्वपूर्ण पद सह जिम्मेदारियों में से एक हैं। यह पद पिछले माह सतीश नेरल के सेवानिवृत्त होने के बाद रिक्त हुआ,तब से आज तक मनपा प्रशासन ने किसी को जिम्मेदारी नहीं दी,इसलिए इस विभाग से संबंधित कामकाज ठप पड़े हुए हैं। संबंधित विभाग का कहना हैं कि इस संबंध में प्रस्ताव आयुक्त कक्ष की शोभा बढ़ा रहा। अड़चन यह भी हैं कि प्रस्ताव आयुक्त कार्यालय तक पहुंचाने वाले प्रस्ताव का महत्ता आयुक्त तक नहीं पहुंचा रहे,इसलिए प्रस्ताव लटकी पड़ी रहती। जब कोई अपनी प्रस्ताव के संबंध में आयुक्त से मुलाकात करता तब उस प्रस्ताव को थोक में पड़ी प्रस्तावों के मध्य से निकाला जाता।

अब चूंकि रिवाइज बजट का काम शुरू हो चुका हैं, इस क्रम में आयुक्त के कक्ष में पड़े 10 लाख से ऊपर के प्रस्तावों की बलि ली जाने की संभावना हैं, इस फेर में जिन कामों का निविदा जारी नहीं हुआ, कार्यादेश नहीं दिया गया। ऐसे कामों को रिवाइज बजट का चटका लग सकता हैं। दूसरी ओर मनपा में अतिरिक्त आयुक्त 1 और 3 का पद रिक्त होने से अतिरिक्त आयुक्त 2 का कामकाज बढ़ गया। यह कक्ष में कोई भी प्रस्ताव पेंडिंग नहीं देखा जाता था लेकिन अब सम्पूर्ण टेबल प्रस्तावों से लैस नज़र आया।