Published On : Wed, Dec 17th, 2014

यवतमाल : सरकार ने की सबसीडी बंद, बिजली ग्राहकों को पर बढ़ा बोझ

 

  • मात्र 9 माह में बढ़ाया 62.50 फिसदी बिजली बील
  • पहले 3.36 तो अब 4.16 रूपये प्रती युनिट

यवतमाल। गत फरवरी माह में बिजली बील 20 फिसदी बढाया गया था. शायद इससे मन नही भरा तो मात्र 9 माह के बाद ही फिर से 20 फिसदी बील बढ़ा दिया
गया है. ऐसा कुल युनिट पर बढ़े दाम का विचार किया गया तो 62.50 फिसदी बील बढ़ गया है. जिससे रोजाना ग्राहकों की बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय में
बिजली बील लेकर शिकायत करने पहुंच रहे है. मगर उन्हे मायुस होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. फरवरी 2014 के पहले 2 रूपये 56 पैसे प्रती युनिट घरेलु
बिल बनाया जाता था. फरवरी के बाद वह 3 रूपये 36 पैसे हुआ. अब  नवंबर में फिर 20 फिसदी राशी बढ़ाकर 4.16 रूपये प्रती युनिट हो गया.

मगर अब फिर से यह बिजली बील बढाया गया है. जिसका कारण बिजली वितरण कंपनी ने बताया है की पहले बिल में की 20 फिसदी राशी सरकार सबसीडी के रूप में भरती थी. मगर अब सरकार ने यह सबसीडी देना बंद कर हाथ उपर कर दिए है. जिसके फलस्वरूप ग्राहकों पर 20 फिसदी का बोझा फिर बड़ गया है. पहले घरेलु ग्राहकों को 100 युनिट तक 3 रूपये 36 पैसे युनिट का रेट लगता था. मगर बनया रेट 4.16 पैसे हो गया है. तो 100 से 300 युनिट तक पहले इसी ग्राहक को 6 रूपये 05 पैसे पडते थे. अब 7 रूपये 42 पैसे प्रती युनिट हो गया है. जिससे ग्राहकों को  इस माह पहले की तुलना में 20  फिसदी बिल बढ़कर आया है.

नवंबर माह के बील में यह राशी जोड़ दी गई है. जिससे प्रती युनिट 80 पैसे तक वृध्दी हुई है. ज्यादा बिजली बील आने से ग्राहक महावितरण कार्यालय में हजारो की संख्या में प्रतीदिन पहुंच रहे है. बिजली उत्पादन के खर्च में हुई वृध्दी और अन्य बातों से बिजली नियमाक आयोग ने फरवरी 2014 में बिजली के दाम बढ़ाए थे. जिससे उस समय भी प्रती युनिट 80 पैसे दाम बढ़ गए थे. मगर अब फिर 20 फिसदी राशी  बिजली बिल पर बढ़ाने से इसी वर्ष 2014 में एक रूपये 60 पैसे बढ़ गए है. यह 1 रूपये 60 पैसे की राशी 2 रूपये 56 पैसे के युनिट पर बढ़कर 4 रूपये 16 पैसे हो गई है. जिससे इनका फिसदी प्रमाण निकाला जाए तो 62.50 फिसदी होता है. इस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी के अच्छे दिन ग्राहकों को अच्छी चपत लगा रहे है. यह बील बढऩे से लोगों का गुस्सा बीजली कर्मीयों पर उतर रहा है. जबकी उनकी कोई गलती नहीं है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के वादे पर विश्वास रखकर उनके पार्टी के प्रत्याशीयों को भारी वोटो से जित दिलाकर राज्य और केंद्र में उनकी सत्ता बनाई. मगर उसके बदले क्या मिला? कमर्शियल के एक्सप्रेस फिडर के  पहले के दाम 10 रूपये 45 प्रती युनिट थे. जो अब बढ़कर 12 रूपये 86 पैसे हो गए है.

उसी प्रकार नॉन एक्सप्रेस फिडर पर से 9 रूपये 83 पैसे पहले प्रती युनिट लगता था. अब 12.11 पैसे प्रती युनिट हो गया है. उसी प्रकार औद्योगीक ग्राहकों के लिए एक्सप्रेस फिडर से 7 रूपये 1 पैसा पडता था. अब वह 8 रूपये 60 पैसे हो गया है. तो नॉन एक्सप्रेस फिडर से 6 रूपये 33 पैसे पड़ते थे. अब वह 7 रूपये 83 पैसे हो गया है. इस प्रकार मोदी सरकार ने घरेलु , कमर्शियल, औद्योगिक इन सभी ग्राहको पर अरमान से बोजा डाल दिया है.

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