Published On : Tue, Feb 13th, 2018

पहला महिला बचत गट मॉल अधर में बड़कस चौक पर जिप की जमीन पर निर्माण प्रस्ताव को साल भर से नहीं मिली मंजूरी

नागपुर: महिलाओं को सक्षम बनाने हेतु महिला बचत गट की स्थापना की गई। इन बचत गटों के माध्यम से निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य का पहला मॉल विशेषकर महिला बचत गटों के लिए मध्य नागपुर के बड़कस चौक पर निर्माण किये जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। जबकि उक्त संदर्भ […]

नागपुर: महिलाओं को सक्षम बनाने हेतु महिला बचत गट की स्थापना की गई। इन बचत गटों के माध्यम से निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य का पहला मॉल विशेषकर महिला बचत गटों के लिए मध्य नागपुर के बड़कस चौक पर निर्माण किये जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। जबकि उक्त संदर्भ में जिला परिषद के लोकनिर्माण विभाग ने सालभर पूर्व एक प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए संबंधित मंत्रालय को भेजा था, जो मंत्रालय की शोभा बढ़ा रही है।

कहने को तो महिलाओं को सबल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ी बड़ी घोषणाएं व वादे किए। बचत गटों के माध्यम से उत्पाद निर्माण के लिए आर्थिक सहायता की जाती है।

नागपुर जिले में 8668 महिला बचत गट की स्थापना हुई है। इन बचत गटों को उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिला ग्रामीण विकास विभाग के मार्फत प्रयास किया जाता हैं।26 फरवरी 2016 को महिला बचत गटों की विभागीय सम्मेलन विभागीय क्रीड़ा संकुल में आयोजित की गई थी। इस सम्मेलन में राज्य के मुख्यमंत्री ने उक्त बचत गट मॉल के निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद जिला परिषद के लोकनिर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया था।इसके निर्माण की आंकलन 25 करोड़ तय की गई थी। यह मॉल बड़कस चौक स्थित जिला परिषद की जमीन पर निर्माण की योजना तैयार की गई थी। इस संकुल के ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग और यह संकुल दो मंजिला है। उक्त जमीन की बाजार भाव करोडों में है। वर्तमान में यह है, जगह पार्किंग के लिए उपलब्ध जरूर करवाई गई है लेकिन जिला परिषद को कोई आय नहीं हो रहा है। कोई बंडू का संचलन कर रहा है, इसे स्थानीय अड्डेबाजी करने वाले छुटभैय्ये का समर्थन हासिल है. इस मॉल के निर्माण से जिला परिषद को भी नियमित आय होना शुरू हो जाएंगी। जिला परिषद की लोकनिर्माण विभाग ने साल भर पूर्व प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी हेतु ग्राम विकास मंत्रालय को भेज दिया, लेकिन निधि आज तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। लगता है सरकार के कथनी और करनी में काफी गहरा अंतर है। उम्मीद की जा रही है कि अगले आर्थिक वर्ष में निधि की उपलब्धता करवाई जाए।

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