
नागपुर : शहर के एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) नागपुर की पहली बैच अगस्त से शुरू हो जायेगी। पहली बैच में करीब 50 छात्र यहाँ पढाई करेंगे। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के क़रार के अनुसार वैसे तो मिहान में 250 एकड़ जगह एम्स को उपलब्ध कराई गयी है लेकिन जब तक यहाँ स्थाई परिसर निर्मित नहीं हो जाता तब तक एम्स का कामकाज़ गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज में ही शुरू रहेगा। बैच का अभ्यास शुरू होने में एक से डेढ़ महीनें का ही वक्त शेष है लेकिन अब तक आवश्यक इंफ्रास्टक्चर तैयार नहीं हो पाया है।
इसके पीछे राज्य सरकार और मेडिकल कॉलेज का ढुलमुल रवैय्या है। मेडिकल के डीन ऑफिस के बगल में एक छोटे से कमरे में एम्स का अस्थाई दफ़्तर शुरू है। जबकि पहले माले में उपलब्ध कराई गयी जग़ह में अब तक काम ही पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठता है की क्या इतने काम वक्त में एम्स का कामकाज़ सुचारु रूप से शुरू हो पायेगा।
दरसअल केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के बाद नागपुर में अस्थाई तौर पर एम्स को शुरू करने का काम हो चुका है। जगह भी उपलब्ध हो चुकी है लेकिन जगह राज्य सरकार की मिल्कियत की होने की वजह से केंद्र की एजेंसी निधि खर्च नहीं कर सकती है। इसलिए मजबूरन एम्स प्रशासन को मेडिकल कॉलेज प्रशासन और राज्य सरकार पर निर्भर होना पड़ रहा है। ये एम्स का शुरुवाती दौर है वर्ष 2020 तक संचालन मेडिकल से ही होगा ऐसे में भविष्य में भी संचालन को लेकर दिक्कतें नहीं होगी ऐसा भी नहीं कहाँ जा सकता।
इन दिक्कतों के बावजूद नागपुर एम्स का प्रशासन मेडिकल और राज्य सरकार के सहयोग को लेकर आशावान है। एम्स के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सहयोग मिल रहा है छोटी मोटी दिक्कतें हर काम में होती है जिनका निराकारण समय पर निकाल लिया जाता है। जब एम्स संचालन शुरू हो जायेगा दिक्कतें अपने आप दूर हो जायेगी।
जून 2017 में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के जॉइंट सेकेट्री की अध्यक्षता में नागपुर एम्स के संचालन को लेकर अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में अस्थाई एम्स के संचालन के लिए आवश्यक बातों पर फ़ैसले लिए गए थे। इस फ़ैसले से राज्य सरकार को अवगत करा दिया जा चुका है। मेडिकल प्रशासन द्वारा एम्स के कर्मचारियों के लिए पांच बंगले,हॉस्टल उपलब्ध करा कर है जो अब तक नहीं हो पाया है। हालाँकि लेक्चर हॉल,लेबोरेटरी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
दूसरी तरफ एम्स प्रशासन अपनी तरफ से काम को समय रहते पूरा करने के प्रयास में है। मेडिकल में शुरू होने जा रहे एम्स में फ़िलहाल एनॉटमी,बायो केमेस्ट्री फिजियोलॉजी,मेडिसीन ऐसे चार विभाग होंगे जिनके लिए आवश्यकत फैकल्टी के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
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