Published On : Thu, Dec 11th, 2014

मूल को सूखा घोषित कर फसल बीमा का लाभ दें

 

  • प्रतिनिधिमण्डल ने मंत्रियों को बतायी किसानों की व्यथा
  • कर्ज, बेरोजगारी और भुखमरी के आगोश में फंसे किसान
  • निकट भविष्य में राहत नहीं मिली तो विपरीत परिणामों की आशंका
  • आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला, राहत की प्रतीक्षा में किसान

Sudhir Mungantiwar
मूल (चंद्रपुर)। महाराष्ट्र में धान उत्पादक जिला के रूप में मूल तालुका की पहचान है. कृषि कार्य कर अपनी जीविका चलाने वाले बहुसंख्य कृषक यहाँ हैं. इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं के कारण अनेक कृषक फसल से वंचित रह गए. इस भयावह प्राकृतिक आपदा में घिरे किसान फिलहाल कर्ज, बेरोजगारी व भुखमरी के आगोश में फंस गए हैं. इससे आत्महत्याएँ जैसी घटनाओं के होने के आसार बढ़ गए हैं. इसलिए मूल तालुका को सूखा घोषित कर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये अनुदान व फसल बीमा लागू करने की माँग मंत्री महोदय से की गई है. फिलहाल आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पाया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल तालुका के किसान धान के अलावा दलहन की फसल बड़े पैमाने पर लेते हैं. तालुका में इस वर्ष ज्यादा किस्में लेकर खेत में खूब मशक्कत कर जयश्रीराम, एच.एम.टी. परभणी चेन्नूर जैसे धान की अलग-अलग किस्मों की बोवाई की गई. जिसकी माँग महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों में भी है, परंतु इस वर्ष बहुत ही कम वर्षा होने से धान का उत्पादन अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ. अब कृषि पर अवलम्बित किसानों पर भुखमरी की नौबत आन पड़ी है. इसके साथ ही जानवर के लिए भी चारे के लाले पड़ गए हैं. इसलिए मूल तालुका के किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये नुकसान भरपाई दिए जाने, किसानों द्वारा कराये गए फसल बीमा को तत्काल मंजूरी देकर रुपए अदा करने, प्रति क्विंटल 3 हजार रुपये के हिसाब से गारंटी मूल्य निर्धारित करने, किसानों को बीज, खाद, दवाओं पर 50 प्रतिशत की छूट देने की माँग की गई है. वहीं मूल तालुका में सिंचाई के अभाव का असर भी धान प्रक्रिया केन्द्रों पर भी पड़ता दिख रहा है. इन कारणों से रोज़गार की भीषण समस्या उत्पन्न होने से इनकार नहीं किया जा सकता. बैंक व साहूकारों से हजारों रुपये लेकर फसलों में लगाने वाले किसान कर्ज कैसे पटाएँ, इस उधेड़बुन में खोये नजर आ रहे हैं. इसलिए तत्काल मूल तालुका को सूखा घोषित किया जाना चाहिए.

उक्त माँग कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति राकेश रत्नावार, मूल पंचायत समिति के पूर्व सभापति तथा सदस्य संजय पाटील मारकवार, मूल तालुका काँग्रेस कमिटी के अध्यक्ष घनश्याम येनुरकर, मूल पंचायत समिति के सभापति संगीता पेंदाम, कृउबास के संचालक संदीप कारमवार, प्रशांत बांबोडे, धनंजय चिंतावार, अभिजीत चेपूरवार, नगरसेवक महेश हरडे, बाबा अजिम, विजय चिमड्यालवार, येरगांव के पूर्व सरपंच रूमदेव गोहणे, उश्राळा के पूर्व सरपंच देवानन्द नर्मलवार, मार्शली मोहुर्ले, डॉ. पद्माकर लेनगुरे का एक शिष्टमण्डल राज्य के वित्त व नियोजन तथा वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, विधानसभा के विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार, विधान परिषद के विधायक शोभाताई फडणवीस से की है. इस पर मंत्रियों ने शिष्टमंडल को आश्वासन दिया.