Published On : Wed, Feb 4th, 2015

अमरावती : महिला की मौत से तनाव


कठोरा गांधी बना पुलिस छावनी

Kathora Gadhi
अमरावती। कठोरा गांधी में दो समुदाय गुटों के बीच सशस्त्र संघर्ष में घायल वृध्दा की मौत हो जाने से बुधवार को फिर एक बार तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन शहर पुलिस व्दारा लगाए गए कड़े पुलिस बंदोबस्त से कोई अनुचित घटना नहीं हुई. तनावपूर्ण वातावरण में महिला का अंतिम संस्कार किया गया. मृतक कमलाबाई अमृत वानखडे (65, कठोरा गांधी) है.

5 दिन पहले हुआ था जानलेवा हमला
कठोरा गांधी ग्राम में 30 जनवरी शुक्रवार की रात पुरानी रंजिश के चलते जवजाल व वानखडे परिवार में गुटीय सशस्त्र संघर्ष हुआ. इस झगड़े में कमलाबाई वानखडे समेत अमर वानखडे, विनोद चव्हान, अमर वानखडे, महादेव काबले, नाना वानखडे, किशोर वानखडे घायल हो गये थे. पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भरती किया. इर्विन में इलाज दौरान बुधवार तडक़े 2 बजे कमलाबाई वानखडे की मौत हो गई.  यह खबर मिलते ही बुधवार की सुबह सैकड़ों लोगों की भीड़ इर्विन परिसर में इकठ्ठा हो गई. सूचना पर कोतवाली, गाडगे नगर थाने से अतिरिक्त बंदोबस्त लगाया गया. यहां रिपाई के डा.राजेंद्र गवई, गुणवंत देवपारे, चरणदास इंगोले, सुनील रामटेके वहां पहुंचे. डीसीपी सोमनाथ घार्गे से उन्होंने बातचीत कर अन्य फरार आरोपियों को तत्काल पकडऩे की मांग की. तनावपूर्ण शांतता के बीच पुलिस एम्बुलेंस से शव को कठोरा गांधी लाया गया.

यहां कड़े सुरक्षा प्रबंध में अंतिम संस्कार किया. प्रत्येक चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बंदोबस्त लगाया था. नांदगांव पेठ पुलिस ने इस प्रकरण में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है.महादेव काबले ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते कहा कि 26 जनवरी को हुए झगड़े में यदि नांदगांव पेठ पुलिस कार्रवाई करती, तो यह नौबत नहीं आती. वह ग्राम पंचायत में घरकुल के लिए प्रमाणपत्र लेने गया था. यहां सरपंच अजय जवजाल ने उससे विवाद कर मारपीट की. इस बारे में पुलिस को रिपोर्ट दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं. मामूली झगड़े पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें घायल कमलाबाई की मौत हुई.