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    Published On : Mon, Nov 4th, 2019

    ठंड ने दी दस्तक, मौसम में गिरावट शुरू

    नागपुर: सिटी में अब गुलाबी ठंड पड़ने लगी है. न्यूनतम तापमान 20-21 डिसे के आसपास दर्ज किया जा रहा है. सुबह-सुबह गुलाबी ठंड राहत प्रदान कर रही है. हालांकि पिछले कुछ दिनों से बदराया मौसम होने के चलते ठंड तेजी से नहीं बढ़ पा रही है, लेकिन लोगों के लिए अपनी सेहत बनाने के दिन आ गए हैं. सेहत बनाने के लिए सबसे अच्छा मौसम ठंड का माना जाता है. गर्मी और बारिश के मौसम में भी हालांकि अपनी दिनचर्या व खानपान में परिवर्तन कर हेल्थ कांशस लोग फिट रहने की कोशिश करते हैं. मगर ठंड ऐसा अलबेला मौसम है जब आदमी बिंदास होकर खानपान कर सकता है. खाने के शौकीनों के लिए भी यही एक मौसम है जो बिंदास होता है.

    बारिश व गर्मी के दिनों में भारी भोजन करने से जहां बचने की सलाह दी जाती है वहीं ठंड के मौसम में वेज-नानवेज खाने वाले शौकीनों के लिए मनचाहा भोजन करने की छूट होती है. यही कारण है कि दीपावली त्योहार मनाने के बाद अब आरेंज सिटी के छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा वालों से लेकर हेल्थ कांशस महिलाओं व व्यापारियों की मार्निंग वॉक शुरू हो गई है. शहर के पार्कों में सुबह लोगों का आना बढ़ गया है. शहर के जिम व हेल्थ क्लबों में भी सदस्यों की संख्या में इजाफा हो गया है. जिम में गर्मी के दिनों की अपेक्षा अब डबल मेहनत हो रही है. कोई योगा की ओर ध्यान दे रहा है तो किसी को स्वीमिंग और साइकिलिंग में मजा आ रहा है.

    फिट बनने का मौसम
    संतोष अग्रवाल और तुषार जैन रामनगर के एक जिम में सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाते हैं. दोनों का कहना है कि जिम का मजा ठंड के मौसम में ही है. गर्मी के दिनों में जहां 5-10 मिनट में ही शरीर थक जाता है, वहीं ठंड में 40-50 मिनट मेहनत हो जाती है. दोनों ही का घर अगल-बगल में हैं और दोनों हिस्लाप कालेज में फाइनल ईयर के छात्र हैं. सुबह 5 बजे उठकर दोनों पहले 5-6 किलोमीटर की स्लो रनिंग करते हैं और फिर जिम में शुरू होती है शरीर को शेप देने की शुरुआत. कहते हैं सुबह-सुबह पसीना बहाने के बाद घर में होता है अंकुरित मूंग-चना और फल्ली का नाश्ता. साथ ही टमाटर और गाजर का सलाद भी लेना शुरू किया है. वहीं निजी कम्पनी में कार्यरत मिलिंद ढोमणे जिम में एक्सरसाइज के बाद उबले अंडे और दूध ले रहे हैं. सभी का मानना है कि इस दिनचर्या से दिनभर शरीर और दिमाग दोनों तंदुरुस्त रहता है. गर्मी के मौसम में यह सब नहीं हो पाता और बारिश के समय नियमितता नहीं रहती.

    दिनभर की स्फूर्ति
    शिरीष गौर अपनी पत्नी स्नेहा के साथ तेलनखेड़ी गार्डन में सुबह साढ़े 5 बजे पहुंच जाते हैं. उन्होंने बताया कि गोकुलपेठ से यह गार्डन लगभग 3 किलोमीटर पड़ता है. सुबह की हरियाली और ठंडा मौसम शरीर में स्फूर्ति भर देती है, वहीं पक्षियों का कलरव सुन मन प्रसन्न हो जाता है. गार्डन में दोनों प्राणायाम व योगासन करते हैं. ठंड के दिनों में कपालभाति के स्टोक गर्मी के दिनों की अपेक्षा डबल से भी अधिक कर दिया है. इससे शरीर में गर्मी आ जाती है. अनुलोम-विलोम की बैठक भी बढ़ा दी है साथ ही हल्का व्यायाम भी दोनों मिलकर करते हैं. शुद्ध शाकाहार भोजन में फलों, हरी सब्जियों और दही-घी की मात्रा बढ़ा दी है. दोनों कहते हैं ठंड के दिनों में खाने-पीने का अपना अलग ही मजा है. ज्वार, बाजरा और मक्के की रोटी के साथ मक्खन और हरी सब्जियों का आनंद लेने का मौसम आ गया है.

    किया जा रहा वजन कम
    निधि गुप्ता ने अपनी सहेली अंजना के साथ मार्निंग वॉक शुरू कर दी है. ईयरफोन कान पर लगा गाना सुनते हुए दोनों लगभग 6-7 किलोमीटर की वॉकिंग करती हैं. भरतनगर से जिमखाना तक वे तेज गति से पैदल चलती हैं. वीआईपी क्लब के समीप पड़ने वाले हनुमानजी के मंदिर में दर्शन कर वे आगे बढ़ती हैं और लौटते वक्त तेलनखेड़ी गार्डन जाकर हल्का व्यायाम भी करती हैं. निधि ने बताया कि वे ओवरवेट हो गई हैं इसलिये वजन कम करने के लिए सारी कवायद कर रही हैं. सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू लेती हैं और घर लौटकर सलाद व अंकुरित मूंग का नाश्ता कर रही हैं. दिनभर कम फैट वाली चीजें ही खाती हैं. दोनों का मानना है कि यह सब ठंड के दिनों में ही अच्छे से होता है. गर्मी व बारिश में मजा नहीं आता और शरीर भी जल्दी थक जाता है.

    जुम्बा, जिम-योगा सेंटरों में बढ़ी भीड़
    शहर में चल रहे योगा, जिम व जुम्बा क्लासों में भीड़ बढ़ रही है. रामनगर के योगाभ्यासी मंडल के सामने सड़कों पर खड़े दोपहिया व चारपहिया वाहनों की संख्या देखकर ही इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. वहीं युवतियों व महिलाओं में जुम्बा व एरोबिक का क्रेज बढ़ गया है. मौसम में ठंडकता आने के साथ ही जुम्बा क्लासेस में इनकी संख्या बढ़ गई है. अनेक युवतियां, कामकाजी महिलाएं जिम भी जा रही हैं. उनका कहना है कि सुबह की एक घंटे की मेहनत से दिनभर स्टेमिना बनी रहती है. थकान, गुस्सा, चिड़चिड़ापन आदि कोसों दूर रहता है. ठंड के दिनों में एक्सरसाइज का अपना अलग ही आनंद आता है. शहर के अमूमन सभी गार्डन में लाफ्टर व योगा करने वाले समूहों में लोगों की संख्या में इजाफा इन दिनों हो रहा है. शिवाजी पार्क में आए मिथिलेश सिन्हा ने बताया कि हर साल ठंड के चार महीने ही वे रेगुलर मार्निंग वॉक और व्यायाम कर पाते हैं.


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