Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Wed, Mar 10th, 2021

    संजय गांधी निराधार योजना के पीड़ितों के डॉक्युमेंट्स में जानभूझकर त्रुटियाँ निकाल रही है तहसीलदार

    सर्वपक्षीय मोर्चा ने दी आंदोलन की चेतावनी

    नागपुर– निराधार नागरिकों के लिए सरकार ने संजय गांधी निराधार योजना शुरू की थी. जिसमें गरीब, विधवा, निराधार, दिव्यांग और ज्येष्ठ नागरिक इन्हे 1000 रुपए महीना दिया जाता है. यह ऐसे लोग होते है, जो आर्थिक रूप से काफी गरीब होते है और उन्हें किसी भी तरह का सहारा नहीं होता है. लेकिन नागपुर स्थित संजय गांधी निराधार योजना के कार्यालय की महिला तहसीलदार की और से जानभूझकर इन नागरिकों के डॉक्युमेंट्स में त्रुटियाँ निकाली जा रही है और इन्हे परेशान करके आर्थिक मदद से वंचित रखा जा रहा है. यह कहना है सर्वपक्षीय मोर्चा के अध्यक्ष दिलीप नानवटे का. वे अपने सदस्यों के साथ और पीड़ित लोगों के साथ संजय गांधी निराधार योजना के कार्यालय पहुंचे, जहां इन्होने महिला तहसीलदार को निवेदन दिया की जल्द से जल्द लाभार्थियों को न्याय दिया जाए और जानभूझकर इन्हें परेशान न किया जाए. अन्यथा तीव्र आंदोलन किया जाएगा.

    नानवटे ने जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिम नागपुर की आवेदनकर्ता पीड़िता द्वारकाबाई पाचपोर के आवेदन में त्रुटी निकाली गई, कारण बताया गया कि वोटिंग कार्ड में उम्र 65 वर्ष नहीं है, कम है. इसके बाद पीड़िता ने स्कुल का दाखिला जोड़ा और त्रुटी दुरुस्त की. इसके बाद इसी महिला के आवेदन में फिर त्रुटी निकाली गई. इस बार त्रुटी का कारण बिजली बिल बताया गया. अलग अलग मीटिंग में अलग अलग त्रुटिया तहसीलदार की ओर से निकाली जाती है.

    इसी तरह पश्चिम नागपुर में वालम्बा बाई खोब्रागडे के आवेदन में भी त्रुटी निकाली गई. इसका कारण बताया गया कि इनकम का दाखिला नहीं जोड़ा गया है. जबकि आवेदनकर्ता पीड़िता का राशनकार्ड बीपीएल है. बीपीएल होने के कारण राज्य सरकार के नियम के अनुसार इसमें डॉक्यूमेंट जोड़ने की जरुरत नहीं रहती. बावजूद इसके तहसीलदार की ओर से इसको रोका गया. तो वही पीड़िता वालम्बा बाई खोब्रागडे की बहु प्रतिलता खोब्रागडे का आवेदन मान्य हो गया. इन्होने भी इनकम सर्टिफिकेट नहीं जोड़ा था. इन्होने केवल बीपीएल कार्ड जोड़ा था. इसमें ख़ास बात यह है की वालम्बा बाई खोब्रागडे के राशन कार्ड में बहु प्रतिलता खोब्रागडे का नाम है. एक ही राशन कार्ड है, लेकिन आवेदनकर्ता दो है. एक मान्य होता है तो वही दूसरे को अमान्य किया जाता है. इस तरह की लापरवाही भी संजय गांधी निराधार योजना कार्यालय की तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की ओर से लगातार की जा रही है.

    सर्वपक्षीय मोर्चा के अध्यक्ष दिलीप नानवटे का कहना है की ऐसे कई पीड़ित आवेदनकर्ता है, जो कई महीनों से इस ऑफिस के तहसीलदार के कार्यालय के चक्कर लगा रहे है. उन्होंने कहा की जानभूझकर षड्यंत्र के तहत पीड़ितों को सरकार की योजना से वंचित रखने का काम इस ऑफिस के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की ओर से किया जा रहा है. इन्होने मांग की है की किसी भी डॉक्यूमेंट में जानभूझकर त्रुटियाँ न निकाली जाए और बेमतलब के डॉक्युमेंट्स की मांग पीड़ितों से न की जाए. ऐसा होने पर तहसीलदार और अधिकारियों के खिलाफ तीव्र आंदोलन की चेतावनी नानवटे ने दी है.


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145