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    Published On : Tue, Nov 4th, 2014
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    सावनेर : अवैध संबंधो के संदेह में पत्नी की निर्ममता से हत्या


    शव को जलाकर सबुत नष्ट करने का प्रयास

    सावनेर (नागपुर)। कहते है की शक का इलाज किसी के पास नहीं है यदि यह बीमारी किसी के सर चढ़ जाए तो उसका ही जीवन उध्वस्त हो जाता है. ऐसा ही एक मामला खापा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले उमरी ग्राम से सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने अपने पत्नी के गैर मर्द के साथ नाजायज संबंध होने की शंका के चलते उसकी निर्ममता से हत्या कर दी व उसके शव को खेत के समीप के एक नाले में लेजाकर जला डाला व राख को उसी नाले के एक गड्ढ़े में विसर्जित कर दिया.

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार उमरी निवासी माणिक चिरकुट उइके (40) का 23 वर्ष पूर्व पाटनसावंगी की शांता सराटे से विवाह हुआ था. शादी के बाद कई वर्ष तक दोनों का जीवन अच्छे से व्यतीत हो रहा था जिन्हे 2 बेटियां व 1 बेटा है. विगत 1 वर्ष से शांता को आने वाले फ़ोन कॉल व अन्य कुछ वजहों से माणिक को उसके कही अवैध संबंध शुरू होने की शंका थी जिससे दोनों पति पत्नी के बीच आए दिन लड़ाई होती रहती थी. कुछ दिनों पूर्व दोनों के बीच जमकर लड़ाई होने से शांता कुछ दिनों के लिए पाटनसावंगी स्थित अपने मायके रहने चली गई थी जो हाल ही में वापिस आई थी. शनिवार की रात दोनों के बीच फिर से उसी बात को लेकर लड़ाई हुई थी.

    रविवार की सुबह 6 बजे माणिक शांता को लेकर गांव से कुछ दुरी पर स्थित खेत में कपास चुनने पहुंचा जहाँ दोनों के बीच शाब्दिक झड़प हुई जिससे गुस्साए माणिक ने कुल्हाड़ी से शांता की कमर पर वार किया व वह अचेत होने पर उसका गला पैरों से दबाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद माणिक ने शांता के शव को खेत में ही छुपा कर रखा व साईकिल से खापा जाकर केरोसिन ले आया. शाम 8 बजे के दौरान माणिक ने शांता के शव को घसीटते हुए समीप के नाले में ले गया व लकड़ियों का ढेर लगाकर शांता के शव को उस पर रख कर जला दिया. ऱात तीन बजे तक माणिक ने वही रहकर शांता के शव को बड़ी बारीकी से मुखाग्नि दी व घर चला गया. सोमवार की सुबह नाले में जाकर शव की राख को नाले के ही एक गड्ढ़े में विसर्जित कर दिया.

    रविवार को देर रात तक मां के घर न पहुँचने से परेशान माणिक की बड़ी बेटी रीता ने मां को तलाशना शुरू किया व रात में ही खेत जाकर माँ को पुकारा. माँ का कही पता नहीं लगता देख वह पाटनसावंगी अपने मामा के घर पहुंची व उसकी नानी यशोदाबाई सराटे को साथ लेकर रिश्तेदारों के यहां शांता को तलाशने का प्रयास किया. शांता की हत्या के बाद माणिक आश्वस्त था की यह मामला दब गया है लेकिन उसकी बेटी द्वारा माँ को तलाशने के लिए पुरजोर कोशिश करते देख माणिक को उसे जवाब देना भी मुश्किल हो रहा था. अपना भांडा फूटता देख मंगलवार की सुबह 10 बजे हताश माणिक ने खापा पुलिस थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी व उसी के निशानदेही पर पुलिस ने मृतका के शव के अवशेष घटनास्थल से बरामद किये. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपविभागीय अधिकारी मोरेश्वर आत्रा, खापा के थानेदार विजयकुमार तिवारी व उनकी टीम ने घटनास्थल की सुक्ष्म जाँच की.

    Representational Pic

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