Published On : Mon, Sep 17th, 2018

सुप्रीम कोर्ट ने सैरीडॉन समेत तीन दवाओं पर लगे प्रतिबंध को हटाया

Advertisement

supreme-court_1505109100

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सैरीडॉन, प्रिट्रान और डार्ट ड्रग्स पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है. अब इन दवाओं की बिक्री की जा सकेगी. कोर्ट ने यह फैसला दवा निर्माताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है और जवाब मांगा है. दरअसल, ये तीनों दवाएं 328 दवाओं की उस लिस्ट में शामिल हैं जिन्हें केंद्र सरकार ने पिछले दिनों प्रतिबंधित कर दिया था. केंद्र सरकार ने एक झटके में इन 328 फिक्स डोज कंबीनेशन यानी एफडीसी दवाओं पर रोक लगा दी थी. एफडीसी वो दवाएं हैं जो दो या दो से अधिक दवाओं के अवयवों (सॉल्ट) को मिलाकर बनाई जाती हैं. दुनिया के अधिकांश देशों में इन दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई गई है.

देश में सक्रिय कई स्वास्थ्य संगठन लंबे समय से कहते आ रहे थे कि इन दवाओं से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है और ये हानिकारक भी हो सकती हैं. संगठनों का कहना था कि अगर किसी दवा की वजह से मरीज को एलर्जी हो गई तो यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाएगा कि उस दवा के किस सॉल्ट की वजह से एलर्जी हुई है. ऐसे में एलर्जी का इलाज करने में देर भी हो सकती है.

Gold Rate
Sept 16,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 52,400 /-
Gold 22 KT ₹ 1,41,400 /-
Silver/Kg ₹ 2,33,000/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्र सरकार ने मार्च 2016 में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26-ए के तहत मानव उपयोग के उद्देश्य से 344 एफडीसी के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद सरकार ने समान प्रावधानों के तहत 344 एफडीसी के अलावा पांच और एफडीसी को प्रतिबंधित कर दिया था.

हालांकि, इससे प्रभावित उत्पादकों अथवा निर्माताओं ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट में इस निर्णय को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 दिसम्बर, 2017 को सुनाए गए फैसले में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए इस मसले पर दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड द्वारा गौर किया गया, जिसका गठन औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 5 के तहत हुआ था.

Advertisement

इस बोर्ड ने इन दवाओं पर अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंप दी. दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने अन्य बातों के अलावा यह सिफारिश भी की कि 328 एफडीसी में निहित सामग्री का कोई चिकित्सीय औचित्य नहीं है और इन एफडीसी से मानव स्वास्थ्य को खतरा पहुंच सकता है.

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.