Published On : Sat, Feb 24th, 2018

नीट में तय उम्र सीमा के दखल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का इंकार

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NEET
नागपुर: सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल एलिजिबिलिटी ऐंड एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेंकड्री एग्जामिनेशन (CBSE) की ओर से तय की गई ऊपरी उम्र सीमा से छेड़छाड़ करने से इनकार कर दिया. यानी, अब सामान्य श्रेणी के 25 वर्ष से ज्यादा और आरक्षित श्रेणी के 30 वर्ष से ज्यादा उम्र के अभ्यर्थी अंडरग्रैजुएट मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं दे सकेंगे. विभिन्न राज्यों से जुटे 10 विद्यार्थियों के एक दल ने उम्र सीमा तय करने के सीबीएसई के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. उनका कहना था कि ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और जवाहरलाल इंस्टिट्यूट ऑफ पोस्टग्रैजुएट मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च की प्रवेश परीक्षाओं में भाग लेने के लिए उम्र की कोई पाबंदी नहीं है.

विद्यार्थियों के इस दल की ओर से पेश हुए वकील अमित कुमार ने सीबीएसई के फैसले को गैर-कानूनी और मनमाना बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ताओं के लिए NEET में बैठने का मार्ग प्रशस्त करने की अपील की. याचिका में कहा गया, ‘अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड और यूरोपियन यूनियन के ज्यादातर देशों, ऑस्ट्रिया समेत करीब-करीब सभी विकसित देशों में मेडिसिन की पढ़ाई के लिए कोई ऊपरी उम्र सीमा तय नहीं है, बशर्ते विद्यार्थी कोर्स करने के लिए अन्य कसौटियों पर खरा उतरता हो. इसलिए, इसका कोई औचित्य नहीं है कि भारत में 25 वर्ष से ज्यादा उम्र के कैंडिडेट्स मेडिसिन कोर्स नहीं कर सकते.

स्टूडेंट्स ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में लॉ कोर्स में ऐडमिशन के लिए उम्र सीमा तय करने से बार काउंसिल ने इसी आधार पर रोका था कि सीमा तय करने का कोई तर्क नहीं है. हालांकि, जस्टिस एस एस बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेंच ने इन दलीलों को खारिज करते हुए याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया .

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