Published On : Sat, Apr 25th, 2015

बुलढाणा : अंनिस ने मिड ब्रेन एक्टिवेशन को दी चुनौती

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चमत्कार सिध्द करने वाले को 21 लाख का इनाम देने की घोषणा

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बुलढाणा। अखिल भारतीय अंधश्रध्दा निर्मूलन समिति ने कहा है कि मिड ब्रेन एक्टिवेशन, सुपर सेन्सरी डेव्हलमेंट के नाम पर 5 से 15 उम्र के बच्चों को और अभिभावकों फसाया जा रहा है.  अंनिस के संघटक तथा हिप्नोथेरपी के अभ्यासक किशोर वाघ ने ऐसे चमत्कार सिध्द करने वाले को 21 लाख का इनाम देने की घोषणा की है.

बुलढाणा के सहकार सेतु सभागृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि, आंखो पर पट्टी बांधकर, आंखो से न देखना, आंखो का इस्तमाल किए बगैर मिड ब्रेन / सुपर सेन्स से देखना. रंग, नोटों का नंबर पहचानना, पढ़ना, ड्रायव्हिंग करना ऐसे डेमो दिखाकर चमत्कारीक दावा किया जाता है. इसे भारतीय परंपरा में दिव्य दृष्टि कहा जाता है. वास्तविकता में आज तक संपूर्ण विश्व में हुए सायंटीफिक संशोधन में एक व्यक्ति में दिव्यदृष्टी निर्माण होना और उसमें ऐसी क्षमता आना ये सिध्द नही हुआ है.

वाघ ने आरोप लगाया कि मिड ब्रेन एक्टीवेशन से छात्रों की स्मरणशक्ति बढ़ती है, एकाग्रता बढ़ती है, हारमोन्स बॅलेन्स, मोअर टॅलेट, मोअर हेल्दी फायदा होता है, ऐसा बताकर आयोजक और प्रशिक्षक मिड ब्रेन एक्टीवेशन प्रशिक्षण लेकर अपने आर्थीक कमाई के लिए ये चमत्कारिक व्यवसाय करते है. लोगों को उनके बच्चों में चमत्कारीक शक्ति निर्माण हुई है ऐसा दर्शाते है. ऐसे प्रयोग रास्ते पर मदारी, जादुगर अच्छे पद्धति से करते है. ऐसे बच्चों का प्रदर्शन, बच्चों को घर-घर ले जाकर डेमो दिखाते है. अभिभावक भी ऐसे चमत्कार के आगे झुकते है और हजारो रुपये की फीस देकर बच्चों को प्रशिक्षण के लिए भेजते है. छात्र कम उम्र के होने से अपने साथ धोका हुआ है, यह समझ नही पाते.

Andhshradha Nirmulan Samiti  (3)
उन्होंने कहा कि विज्ञान की संकल्पना का उपयोग करके अवैज्ञानिक बातों का प्रचार और प्रसार होकर अभिभावकों की आर्थीक लुट पाट होती है. बच्चों को अच्छे मार्क मिलते है. ऐसा विश्वास करके उनके आगे का संपुर्ण शैक्षणिक जीवन खराब हो सकता है. खुद पर से विश्वास उठकर असफलता आने पर निराशा हाथ लग सकती है. पढाई न करते हुए चमत्कार को सफलता का माध्यम समझने की पर्ववृत्ति बढ़ रही है. इस दौरान अंनिस के गजानन सातपुते ने उपस्थितों को अलग-अलग प्रयोग करके दिखाया. आंखो पर पट्टी बांधकर कैसे पढ़ा जाता है, इसका डेमो पत्रकार परिषद में करके दिखाया. इस दौरान जिला अध्यक्ष शिवाजी पाटील, संघटक दत्ता सिरसाट, कार्यक्रम प्रमुख गजानन सातपुते, रवि दांडगे, प्रमोद टाले, दत्तात्रे देशमुख, असलम हिरेवाले, स्वाति सावजी आदि उपस्थित थे.

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अंनिस की ओर से 21 लाख की घोषणा
मिड ब्रेन एक्टीवेशन से अभिभावकों की आर्थीक लुट-पाट होकर छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है. अगर आंखो पर पट्टी बांधकर, आंखो से न देखना, आंखो का इस्तमाल किए बगैर मिड ब्रेन / सुपर सेन्स से उनको अपने आप दीखता है. रंग, नोटों का नंबर पहचानना, पढ़ना, ड्रायव्हिंग करना आदी विज्ञान के नियम में ना बैठने वाले चमत्कार का दावा कोई तज्ञ समिति के सामने सिध्द करता है, तो उसे 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा. ऐसा आवाहन अखिल भारतीय अंधश्रध्दा निर्मूलन समिति ने किया है.
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