
नागपुर: सीबीएसई के रिजल्ट में साल दर साल उछाल का सिलसिला जारी है. इस बार फिर बंपर मार्क्स हासिल करने वाले छात्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. 2018 में जहां 12,737 स्टूडेंट्स ने 95 फीसदी या उससे ज्यादा नंबर हासिल किए थे, वहीं इस साल कुल 17,690 स्टूडेंट्स इस क्लब में शामिल हुए हैं जो पिछले साल के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा है. 92,499 स्टूडेंट्स ने 90 फीसदी और उससे ज्यादा नंबर हासिल किए हैं जो अब तक का सबसे बड़ा रेकॉर्ड है. इस साल दिल्ली पब्लिक स्कूल, मेरठ, गाजियाबाद की हंसिका शुक्ला और एस.डी.पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरनगर की करिश्मा अरोड़ा संयुक्त टॉपर रही हैं . दोनों ह्यूमैनिटीज की स्टूडेंट्स हैं और दोनों के 499-499 नंबर आए हैं.18 स्टूडेंट्स ने इस साल तीसरी पोजिशन हासिल की है. उनके 500 में से 497 नंबर आए हैं. उन छात्रों में गाजियाबाद के मेरठ रोड पर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के अर्पित माहेश्वरी और राजस्थान के अलवर के सेंट आंसलेम्स स्कूल की टिशा गुप्ता शामिल हैं. माहेश्वरी ने साइंस में टॉप किया है जबकि गुप्ता ने कॉमर्स में .
पहली तीन पोजिशनों के कुल 23 टॉपरों में से 16 लड़कियां हैं . उनमें से भी कमोबेश 21 छात्राएं ह्यूमैनिटीज की हैं. देहरादून क्षेत्र के स्कूलों के 23 में से 13 टॉपर हैं. लगातार पांचवें साल लड़की बोर्ड टॉपर बनी हैं जबकि लगातार सातवें साल कम से कम एक टॉपर दिल्ली-एनसीआर से रहा है. इकनॉमिक्स में 1,818 छात्रों ने 100 में से 100 नंबर हासिल किए. साइकॉलजी में 659 और पॉलिटिकल साइंस में 660 छात्रों ने 100 में से 100 नंबर हासिल किए. 726 छात्रों ने मैथमेटिक्स में 100 नंबर हासिल किए है. इस बार के रिजल्ट को देखकर कहा जा सकता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों में इस साल ह्यूमैनिटीज में काफी कड़ा मुकाबला होगा. समग्र रूप से पास परसेंटेज की बात की जाए तो मामूली बढ़ोतरी हुई है. 2018 में कुल पास परसेंटेज 83.01 फीसदी थी जो इस साल बढ़कर 83.4 फीसदी हो गया है.
पिछले दो सालों से केंद्रीय विद्यालयों के परफॉर्मेंस में काफी उछाल आया है. लगातार दो साल से सरकारी संस्थानों में सबसे ज्यादा पास परसेंटेज केंद्रीय विद्यालयों का हैं. इस साल तो टॉपरों की लिस्ट में भी केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों का नाम है. ऑल इंडिया सेकंड टॉपर ऐश्वर्या ने 500 में से 498 नंबर हासिल किया है. वह राय बरेली में केंद्रीय विद्यालय में पढ़ रही थीं. दिव्यांग छात्रों की श्रेणी में केंद्रीय विद्यालयों के दो छात्रों ने तीसरी रैंक हासिल की है. दिव्यांग कैटिगरी में आर.के.पुरम, सेक्टर IV के अभिषेक नारायण सिंह और केंद्रीय विद्यालय, चिरिमिरी जिला, छत्तीसगढ़ के सिद्धार्थ रॉय शामिल हैं.
इस साल केंद्रीय विद्यालयों का पास परसेंटेज 98.54 फीसदी है जो साल 2018 के 97.78 फीसदी से बेहतर है. पिछले साल ही केंद्रीय विद्यालय ने जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) को पछाड़कर सरकारी स्कूलों में नंबर वन पोजिशन हासिल की थी. जवाहर नवोदय विद्यालय ग्रामीण इलाकों में बनाए गए हैं. इस साल जेएनवी का पास परसेंटेज 96.62 फीसदी रहा है जो पिछले साल के 97.08 फीसदी के मुकाबले कम है. सभी सरकारी विद्यालयों में सिर्फ जेएनवी का पास परसेंटेज इस साल गिरा है. साल 2017 तक सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और केंद्रीय विद्यालयों में जवाहर नवोदय विद्यालय का सबसे ज्यादा पास परसेंटेज होता था.
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