Published On : Fri, Jun 16th, 2017

सेतु में प्रमाणपत्र बनवाने विद्यार्थियों की उमड़ी भीड़

Setu
नागपुर:
 दसवीं कक्षा का रिजल्ट आने के बाद जाति प्रमाणपत्र, इनकम सर्टिफिकेट आदि के लिए जिल्हाधिकारी कार्यालय परिसर के सेतु में इन दिनों विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ गई है. रोजाना हजारों की तादाद में विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ यहां पंहुच रहे हैं. यह स्थिति तब है जब कुछ दिन पहले ही सेतु की ओर से विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शिबिर का आयोजन भी किया गया था. 10, 11, 12 जून को सेंटउर्सुला, अन्नपूर्णा देशमुख, स्वामी सीतारामदास, राजेंद्र हाईस्कूल, नई इंग्लिश हाईस्कूल में लगाए गए तीन दिवसीय शिबिर में कुल 8940 प्रमाणपत्र बनाए गए थे. बावजूद इसके सेतु कार्यालय में विद्यार्थियों की भीड़ जस की तस है.

प्रमाणपत्र की घर पहुंच डाक सेवा
प्रायोगिक तौर पर जनवरी माह में विद्यार्थियों को तकलीफ न हो इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर कूरियर सेवा द्वारा प्रमाणपत्र की घर पहुंच सेवा शुरू की गई थी. जिसमें विद्यार्थीयों को सेतु में 17 रुपए जमा करने थे. जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न प्रमाणपत्र डाक के जरिए घर पर भेजे जाते थे. यह सेवा विद्यार्थियों को करीब एक महीने तक मिली. उसके बाद यह कार्य भारतीय डाक विभाग को दिया गया. पहले यह सेवा विद्यार्थियों की इच्छानुसार शुरू की गई थी. लेकिन अब इसे जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से अनिवार्य किया गया है. साथ ही सत्रह रुपए की जगह अब 30 रुपए की फीस भी विद्यार्थियों से वसूली जा रहा है.

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दलाल भी हुए सक्रिय

दसवीं-बारहवीं के रिजल्ट आने के बाद जिल्हाधिकारी कार्यालय में प्रमाणपत्र बनाने का सिलसिला शुरू हो जाता है. जिसका फायदा उठाने की फिराक में दलाल बड़े पैमाने पर सक्रीय हो उठते हैं. इस बार भी सेतु कार्यालय परिसर में दलाल सक्रीय हो चुके हैं. भीड़ का डर बताकर और भीड़ को देखकर अभिभावक भी हजार रुपए देना कबूल कर लेते हैं. जिससे की अभिभावकों को लाइन में खड़े न रहना पड़े. इस बार दलालों की ओर से जातिप्रमाणपत्र के एक हजार रुपए और इनकम प्रमाणपत्र के 200 रुपए की दलाली फीस तक वसूली जा रही है. और यह सब प्रशासन की आखों के सामने हो रहा है. मगर प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. हालांकि जिलाधिकारी कार्यालय परिसर को दलाल मुक्त होने का दावा करते नहीं थकता.