Published On : Sat, Oct 1st, 2016

9 साल बाद नागपुर में हुई स्टेट टाइगर सेल की बैठक

State Tiger Cell holds meeting

नागपुर : शनिवार को नागपुर में स्टेट टाइगर सेल की बैठक हुई। राज्य सरकार ने बाघो के संरक्षण के लिए इस सेल की स्थापना की थी पर बीते 9 वर्षो को कभी बैठक हुई ही नहीं। इस सेल के अध्यक्ष राज्य के पुलिस महानिदेशक होते है। राज्य के नवनियुक्त डीजी सतीश माथुर आज नागपुर के दौरे पर थे और उन्होंने खुद रूचि दिखाते हुए यह बैठक ली। माथुर के मुताबिक वह बाघो के संरक्षण में भी बेहतर सेवाएं देने का प्रयास करेगे। इस बैठक में सेल में शामिल वनविभाग के अधिकारी और वन्यजीव संरक्षण में शामिल एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

आज की बैठक में प्रमुख तौर पर वन्यजीव से जुड़े अपराध और तकनीक के विस्तार पर चर्चा की गई। आज से वाइल्ड लाइफ वीक की शुरुआत हो रही है और पहले ही दिन यह अहम बैठक ली गई। इस बैठक में तय किया गया कि वनविभाग और पुलिस विभाग का आपसी सामंजस्य और बढ़ाया जायेगा। बाघ या वन्यजीव के रेस्क्यू के समय स्थिति के नियंत्रण की जिम्मेदारी सीधे पुलिस को दी जाएगी। आम तौर पर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन्यजीवों के पास जमा भीड़ की वजह से वनविभाग को दिक्कत होती है इसलिए अब बंगाल और कर्नाटक राज्य की तरह रेस्क्यू के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने का जिम्मा पुलिस के पास होगा। इसके लिए एसडीपीओ (सब डिवीजन पुलिस ऑफिसर) के अधिकारों को बढ़ाया जायेगा। इस बैठक में गाँवो में कार्यरत पुलिस पाटिल की भी मदत लेने पर चर्चा की गई। पुलिस पाटिल राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्यरत होते है इसलिए राजस्व विभाग से इस संबंध में चर्चा की जाएगी।

इस बैठक के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में लापता जय के संबंध में भी पत्रकारों ने सवाल किया जिस पर पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ श्री भगवान ने जय के गायब होने के मसले को वैज्ञानिक बताते हुए इस संबंध में किसी भी तरह की चर्चा नहीं होने की जानकारी दी। आज की इस बैठक में स्टेट टाइगर सेल की भविष्य नियमित बैठक लिए जाने की जानकारी डीजी सतीश माथुर ने पत्रकारों को देते हुए अगले वर्ष मई या जून में फिर से बैठक लिए जाने की जानकारी दी।

इस बैठक में सेल के अध्यक्ष और राज्य के पुलिस महानिदेशक सतीश माथुर, पीसीसीएफ श्री भगवान, एपीसीसीएफ एन रामबाबू, पुलिस कमिश्नर डॉ के वेंकटेशन, आईजी रविंद्र कदम, वन्यजीव क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख के अलावा कई पुलिस और वनविभाग के अधिकारी उपस्थित थे।