Published On : Sun, Jan 22nd, 2017

Video: फुटाला तालाब रोड पर ‘स्पीड ब्रेकर’ चाहिए : स्थानीय नागरिकों की मांग


नागपुर:
 नागपुर शहर की शान बन चुके फुटाला चौपाटी पर दिनोंदिन बढ़ते यातायात से नागरिक अब हलाकान होने लगे हैं। फुरसत के कुछ क्षण अपने परिजनों के साथ बिताने के इच्छुकों की फुटाला चौपाटी पहली पसंद है, लेकिन फुटाला तालाब किनारे स्थित इस नयनरम्य सहल क्षेत्र में बेकाबू रफ़्तार में दौड़ते वाहन यहाँ घूमने आने वाले लोगों को डराने लगे हैं। कुछ युवा तो लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से अपने दुपहिया से स्टंटबाजी करने लगते हैं, जिससे यातायात की गंभीर समस्या तो उत्पन्न होती ही है, प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे भी होते रहते हैं। शाम के वक़्त तो बेतरतीब यातायात की वजह से सड़क से आर-पार होने में ही कई-कई मिनट लग जाते हैं। नागपुर टुडे ने इस ज्वलंत मुद्दे पर फुटाला चौपाटी घूमने आए और वहां दुकान लगाने वाले कुछ लोगों से बातचीत की।

Amin Dupare and Nehal Suryavanshi

फुटाला चौपाटी के पास ही रहने वाले अमित दुपारे और निहाल सूर्यवंशी का कहना है कि युवा होने के बावजूद उन्हें कुछ शरारती युवाओं द्वारा अपने बाइक से स्टंटबाजी करना और लोगों को नाहक भयभीत करना बिलकुल नहीं भाता हैं। ये युवा चाहते हैं फुटाला चौपाटी परिसर के सड़क पर जगह-जगह ‘स्पीड ब्रेकर’ बनाए जाएं ताकि शरारत और स्टंटबाजी करने वाले युवाओं की करतूतों पर लगाम लग सके।

Yogesh Masram

Yogesh Masram

लगभग यही राय ‘गोली’ वड़ापाव में काम करने वाले योगेश मसराम और डोमिनोज पिज़्ज़ा के मैनेजर धीरज बनायित की भी है। ये लोग भी चाहते हैं कि स्पीड ब्रेकर ही यातयात और स्टंटबाजों पर नियंत्रण सही तरीका है।

DCP Smarthana Patil (Traffic)


यातायात विभाग की डीसीपी क्या कहती हैं?

नागपुर ट्रैफिक डीसीपी स्मर्थना पाटिल कहती हैं कि नागरिकों की मांग सर्वथा उचित है, लेकिन नागरिकों को अपनी मांग यातायात विभाग या महानागर पालिका से करनी चाहिए, बहरहाल, स्पीड ब्रेकर लगाने का काम मनपा का है। नागपुर यातायात विभाग की ओर से फुटाला तालाब परिसर में पांच स्पीड ब्रेकर लगाने का प्रस्ताव अपनी ओर से तैयार किया गया है और इसे जल्दी ही मनपा के पास भेजा जा रहा है। जहाँ तक स्टंटबाज और शरारती युवाओं का सवाल है, पुलिस उन पर कार्रवाई कर रही है और फुटाला परिसर में नाकाबंदी कर इस तरह के उत्पात को नियंत्रित किया जाता है।


—रविकांत कांबले