Published On : Sat, Sep 27th, 2014

दक्षिण-पश्चिम नागपुर : सेना उम्मीदवार पंजू बिगाड़ेगा भाजपा का खेल


panju

नागपुर टुडे.

विधानसभा चुनाव के आवेदन भरने के एक दिन पूर्व शिवसेना ने दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से फायर ब्रांड युवा नेता पंजू तोतवानी को मैदान में उतार कर सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व दिया। परिणाम जो भी हो मतदान के अंतिम क्षड़ तक विपक्षी दिग्गज उम्मीदवारों की धड़कन बढ़ा कर रखने की क्षमता रखते है.

युति टूटने के आसार देख सेना के नेताओं ने राज्य में भाजपा के कब्जे की सीटों पर सेना उम्मीदवार उतारने के उद्देश्य से अपने सभी जिला पदाधिकारियों को सक्षम उम्मीदवार तत्काल ढूंढने का निर्देश दिया था. आदेश यह भी था कि भाजपा के असंतुष्ट नेताओं को टटोल उन्हें अपनी ओर आकर्षित किया जाये। इसी क्रम में पंजू तोतवानी का नाम दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के लिए तय कर उनका टेलीफोनिक साक्षात्कार करवाया गया. यह खबर रातों रात भाजपा खेमे में पहुँचते ही हड़कंप मच गया. भाजपा द्वारा पूछ-परख, खोजबीन का सिलसिला शुरू हुआ. जब बात नहीं बनी तो यह तय हुआ कि मातोश्री से नाम पता लगाया जायेगा। लेकिन वहाँ भी भाजपा को असफलता हाथ लगी.

पंजू सक्रिय राजनीति में पिछले १५-२० सालों से है,लेकिन उसने जिनकी भी मदद की किसी ने उन्हें आज तक आगे नहीं उठाया। पिछले एक सप्ताह के भीतर राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक भूचाल आया और पंजू को सुनहरा अवसर मिला। शुक्रवार २६ सितम्बर की रात नागपुर में शिवसेना नेता के हाथ से सेना उम्मीदवारी का अधिकृत मुहर लगाकर उन्हें “ए बी” फॉर्म दिया गया. पंजू ने भी सेना उम्मीदवारी मिलने पर अपने नेताओं को विश्वास दिलवाया कि किसी भी सूरत में वह चुनावी जंग से घबराकर पीछे नहीं हटेगा। सेना की पंजू को उम्मीदवारी मिलते ही खामला सह सिंधी समाज में कल ऐसा माहौल था मानो जैसे चुनाव परिणाम घोषणा के पश्चात जीतने वाले उम्मीदवार के घर-इलाके में देखी जाती है.

उल्लेखनीय यह है कि पंजू पिछले ५ साल से भाजपा नेताओं के उपेक्षा का शिकार बना हुआ था. दक्षिण-पश्चिम में भाजपा उम्मीदवार के लिए सबसे ज्यादा नुकसान सेना उम्मीदवार पंजू से होने की संभावनाओं को नाकारा नहीं जा सकता है. भाजपा-सेना अलग अलग चुनाव लड़ने से भाजपा को नुकसान होता दिख रहा है.

 द्वारा:-राजीव रंजन कुशवाहा