Published On : Mon, Feb 4th, 2019

जल्द ही नागपुर शहर में साईबर पुलिस थाना बनने जा रहा है।

Advertisement

राज्य सरकार को भेजा गया प्रस्ताव – नागपुर कमिश्नर डॉ.भुषण कुमार उपाध्याय

नागपुर: नागपुर शहर में आये दिन साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए शीघ्र ही साइबर पुलिस थाना शुरू किया जाएगा। अमरावती में साइबर अपराध के मामले को सुलझाने के लिए वहां पर साइबर पुलिस थाना शुरू हो चुका है। अमरावती के अलावा अहमद नगर ,मुंबई तथा नाशिक में भी सायबर थाना शुरू किया गया है। नागपुर में साइबर पुलिस थाना शुरू नहीं हो पाने पर यहां साइबर पुलिस सेल शुरू किया गया है। साइबर पुलिस सेल 50 लाख के ऊपर जुड़े प्रकरण की जांच करने में स्थानीय थानों की पुलिस की मदद करता है। साइबर पुलिस सेल के अधिकारी- कर्मचारी आर्थिक अपराध शाखा पुलिस विभाग के उपायुक्त स्तर के अधिकारी के आदेश पर कार्य करते हैं।

Gold Rate
Aug 27 ,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 60,000 /-
Gold 22 KT ₹ 1,48,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,41,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

स्थानीय थानों की पुलिस के पास काम का बोझ होने के कारण वह साइबर अपराध के छोटे मामले पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाती है। नागपुर में साइबर अपराध से जुड़े कई बड़े मामले उजागर हो चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले राज्यभर में 45 साइबर पुलिस थाना खोलने की घाेषणा की गई थी। नागपुर के सिविल लाइंस स्थित प्रशासकीय इमारत क्रमांक-1 की चौथी मंजिल पर साइबर पुलिस सेल शुरू है। यह सेल थानों में दाखिल मामलों की जांच करने में मदद करता है। अमरावती के साइबर पुलिस थाना में एक पुलिस निरीक्षक, एक एपीआई, दो पीएसआई और 15 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं।

ये महत्वपूर्ण बातें
सूत्रों के अनुसार, साइबर पुलिस थाना खोलने के लिए उसका दायरा कितना होगा, उसके लिए अदालत कौन सी होगी, इसके लिए पुलिस स्टॉफ कितना लगेगा आदि बातें जरूरी हैं। नागपुर में साइबर पुलिस थाना नहीं खुल पाने पर डॉ. के. व्यंकटेशम ने साइबर पुलिस सेल शुरू करने के बाद एन कॉप्स सेंटर में साइबर अपराध के बारे में थानों के पुलिस कर्मियों के लिए विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलवाया था, जो थानों में उनके काम आ रहा है। साइबर पुलिस थाना खुलने पर इन्हें वहां पर भेजा जा सकता है।

Advertisement

कई लोग करते हैं बचने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, उपराजधानी में हर साल 300 से अधिक आर्थिक अपराध के मामले दर्ज होते हैं। इसके अलावा कई ऐसे मामले होते हैं, जिसकी शिकायत थानों तक पहुंच ही नहीं पाती है। उसके पीछे लोगों की मानसिकता यह है कि कौन पुलिस के झमेले में पड़े। शहर के नागरिकों के साथ ही अब जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का भी मानना है कि नागपुर में साइबर पुलिस थाना जल्द बन जाना चाहिए। पिछले दिनों उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान नागपुर में साइबर पुलिस थाना जल्द बनाए जाने की घोषणा की थी। नागपुर में साइबर पुलिस थाना खुलने पर काफी पहले विचार हुआ था। उस समय कोराडी, हिंगना और मध्य नागपुर में साइबर पुलिस थाना खोलने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा था।

वर्जन – डा. भूषणकुमार उपाध्याय, पुलिस आयुक्त, नागपुर शहर
प्रस्ताव भेजा गया है।
नागपुर में साइबर पुलिस थाना बनाया जाना समय के अनुसार जरूरी हो गया है। इसका प्रस्ताव तो है। पुलिस विभाग के पास साइबर ट्रेंड किए हुए लोग हैं, जो साइबर पुलिस सेल में रहकर कार्य कर रहे हैं। यह लोग साइबर पुलिस थाना बन जाने पर उसमें काम करेंगे। साथ ही अधिक स्टाफ भी उन्हें दिया जाएगा।

ये मामले आते हैं साइबर अपराध में
सूत्रों के अनुसार, देश में खोले गए साइबर पुलिस थाना की देख-रेख एसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। इस अपराध के अंतर्गत ट्रोजन हमला, वायरस और कृमि का हमला, जालसाजी, आईपीआर उल्लंघन, साइबर आतंकवाद, बैंकिंग-क्रेडिट कार्ड संबंधित अपराध, ई-कॉमर्स/ निवेश धोखाधड़ी, साइबर स्टैकिंग, डेटा चोरी, स्रोत कोड चोरी, कंप्यूटर स्रोत दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़, सोशल मीडिया का दुरुपयोग आदि मामले आते हैं। स्मार्ट फोन के माध्यम से जटिल साइबर अपराध के अंतर्गत अश्लील तस्वीरें भेजना, गोपनीयता और अन्य कंप्यूटर संबंधी अपराधों काे साइबर अपराध में गिना जाता है। ई-मेल से संबंधित अपराध के अंतर्गत ई-मेल स्पैमिंग, ई-मेल बमबारी, ईमेल भेजने की धमकी देने वाले व अन्य मामले भी साइबर अपराध में शामिल हैं।


शुरू होने की उम्मीद बढ़ी

सूत्रों ने बताया कि राज्यभर में 45 साइबर पुलिस थानों के खोलने की घोषणा हुई थी, जिसमें नागपुर के कोराडी, हिंगना और नागपुर के मध्य क्षेत्र में तीन साइबर थाने प्रस्तावित थे। यह थाने अगस्त 2017 में खोले जाने वाले थे, लेकिन साइबर पुलिस थाने के लिए मैन पावर नहीं मिल पाने के कारण नागपुर में साइबर पुलिस थाना शुरू नहीं किया जा सका। तब से नागपुर में साइबर पुलिस थाना सिर्फ प्रस्तावित ही होकर रह गया है। अब इसे पुलिस आयुक्त डॉ. भूषणकुमार उपाध्याय की पहल पर जल्द गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नागपुर में साइबर पुलिस थाना पुलिस निरीक्षक स्तर का अधिकारी संभालने वाला है।

वैसे नागपुर शहर के सायबर सेल में फिलहाल पुलिस निरीक्षक भानोदास पिदुरकर ,पुलिस निरीक्षक विजय करे साथ ही साहयक पुलिस निरीक्षक विशाल माने ,राहूल शिरे यह कार्यरत है साथ ही तीन पुलिस उपनिरीक्षक और तेवीस कर्मचारी कार्यरत है। सुत्रो के नुसार शुरू होनेवाले नए सायबर पुलिस स्टेशन में पुलिस स्टेशन में जितना स्टाफ काम करता उतना ही स्टाफ सायबर पुलिस स्टेशन में लगेगा वैसे फिलहाल सायबर सेल में कर्मचारी और अधिकारियों की कामीया है। अमेंटमेंट एक्ट 2008 के मुताबिक़ सायबर के अपराधों में पुलिस निरीक्षक दर्जे का ही अधिकारी ही जांच कर सकता है , अपराधी को गिरफ्तार से लेकर कोर्ट में दस्तावेज पेश करने तक सारे जब्त पंचनामो पर उनके ही हस्ताक्षर लगेंगे इसके चलते सायबर पुलिस थाने में कम से कम आठ से दस पुलिस निरीक्षक नियुक्त रहेंगे।

रविकांत कांबळे
नागपुर टुडे

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.