Published On : Tue, Dec 25th, 2018

द.म.क्षे.सां. केंद्र द्वारा आयोजित “स्मृतिगंध” के समापन पर ‘पुलकित’ हुयी शाम

अरुण नलावडे, अतुल परचुरे एवं विघ्नेश जोशी के अभिनय एवं अभिवाचन से श्रोता मंत्रमुग्ध

दिवंगत सुधीर फडके, ग.दि.माडगूळकर,तबलानवाजउस्ताद अल्लारखाँ तथा पु.ल.देशपांडे इनके जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र,नागपुर द्वारा ‘सप्तक’,नागपुर के सहयोग सेआयोजित ‘स्मृतिगंध’ संगीत-नृत्य सभा में आज 24 दिसंबर 2018 के कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6:30 बजे दिनेश आर. पाटील(महालेखाकार, महालेखाकार कार्यालय, नागपुर) एवं डॉ. दीपक पडोले (निदेशक, व्हीएनआयटी, नागपुर) केकरकमलों द्वारा दीपप्रज्वलित कर हुआ।

इस अवसर पर द.म.क्षे.सां.केंद्र के निदेशक डॉ. दीपक खिरवडकर, उपनिदेशक मोहन पारखी, कार्यक्रम अधिकारी दीपक कुलकर्णीएवं सप्तक संस्था के डॉ. उदय गुप्ते, श्री. विलास मानेकर उपस्थित थे।प्रमुख अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार केंद्र निदेशक ने किया। इस अवसर पर साहित्य क्षेत्र का बड़ा नाम लेखिका, चरित्रकार श्रीमती शुभांगी भडभडे तथा कलाकार, निर्देशक, पटकथा लेखक डॉ. विनोद इंदुरकर इन्हें मुख्य अतिथियों के शुभहस्ते सम्मानित किया गया।

कविवर्य सुरेश भट सभागृह में आयोजित इस 4 दिवसीय समारोह में चतुर्थ एवं अंतिम दिन पर विख्यात मराठी साहित्यकार स्व. पु. ल. देशपांडे की स्मृति में ‘पुलकित’– अर्थात समग्र पु. ल. देशपांडे यह कार्यक्रम विद्याधर ज. रिसबुड, अवर कल्चर इवेंट्स – मुंबई द्वारा प्रस्तुत किया गया।इसमें सिनेकलाकर अरुण नलावडे, अतुल परचुरे, विघ्नेश जोशी, केतकी भावे-जोशी, निनाद आजगावकर, गौरी दामले, भारती मालवनकर इन्होने पु. ल. देशपांडे इनके जीवनपर आधारित किस्से, गीत, साक्षात्कार (इंटरव्यू), उनके साहित्य पर आधारित पात्र एवं चर्चा को साभिनय प्रस्तुत किया।

तथा उनके कार्यक्रम तथा गीतों की चुंनिंदा चित्रफीत भी एलईडी पर्देपर दिखाई गई।इस प्रस्तुति का संगीत संयोजन, नागपुर के श्रीकांत पिसे ने किया। बासरी वादन अरविंद उपाध्ये ने किया। तबलेपर प्रमोद बावने तथा ऑक्टोपैड पर योगेश हिवराले ने साथसंगत की। कार्यक्रम का मंच संचालन दीपाली केलकर इन्होने कियातथा निवेदन श्वेता शेलगावकर ने किया।कार्यक्रम का आनंद लेने रसिक-श्रोता एवं कलाप्रेमी भारी संख्या में उपस्थित थे।

इस प्रकार से ‘स्मृतिगंध’ संगीत-नृत्य सभा का यशस्वी समापन हुआ। रसिक प्रेक्षकों ने इस संकल्पना एवं प्रतिदिन प्रस्तुत कार्यक्रम की भरसक प्रशंसा की। द.म.क्षे.सां. केंद्र, नागपुर के निदेशक डॉ. दीपक खिरवडकर इन्होने सभी कलाकारों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम यशस्वी करने हेतु केंद्र के कार्यक्रम अधिकारी एवं कर्मचारियों की सराहना की।