Published On : Fri, Mar 10th, 2017

सार्वजानिक धूम्रपान : अन्न व औषधि विभाग ने साढ़े तीन लाख रुपए जुर्माना वसूला

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नागपुर:
सार्वजनिक जगहों पर सिगेरट पीना कानूनन अपराध है। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम सिगरेट पीते हुए शहर में लोग दिखाई देंगे। महाराष्ट्र सरकार की ओर से 21 विभागों को नियम तोड़नेवाले लोगों पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। लेकिन केवल अन्न एवं औषधि विभाग की और से ही कार्रवाई की जा रही है। बाकी विभाग की कार्रवाई न के बराबर है।

अन्न-औषधि विभाग ने 2011 से लेकर 2016 तक सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीनेवाले लोगों पर, पानठेले पर 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को तम्बाकूजन्य पदार्थ नहीं बेचने के बैनर नहीं लगाने वाले लोगों पर, अपने रेस्टॉरेंट और होटल्स में नो स्मोकिंग जोन नहीं बनाने वाले ऐसे 2438 लोगों पर कार्रवाई की है। जिनसे 3 लाख 49 हजार 210 रुपए का जुर्माना वसूल किया गया है। जुर्माने में 4 और 6 अधिनियम के तहत 1 रुपए से लेकर 200 रुपए तक जुर्माना वसूलने का अधिकार भी अधिकारियों को दिया गया है।

बस स्टैंड, विद्यालय, कॉलेज इन जगहों पर कार्रवाई के अधिकार ग्रेड 2 के अधिकारियों को दिए गए हैं। बावजूद इसके सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीनेवाले लोगों पर सम्बंधित विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने की जानकारी सामने आयी है। सरकार ने जिन रेस्टॉरेंट, होटल्स में बैठनेवालो की संख्या 30 से ऊपर है ऐसे होटल्स और रेस्टॉरेंट के लिए स्मोकिंग जोन बनाने के लिए आदेश दिया था और 30 के अंदर है तो बाहर नो स्मोकिंग जोन का बोर्ड लगाना अनिवार्य था। आदेश के बावजूद सरकारी आदेश और नियमों की धज्जियां भी होटल्स और रेस्टॉरेंट संचालक उड़ा रहे हैं। कई होटल्स और रेस्टॉरेंट में स्मोकिंग जोन नहीं होने से भी अन्न विभाग ने कार्रवाई की है।

नियम के मुताबिक विद्यालय और महाविद्यालय के 100 यार्ड में कोई भी सिगरेट या तम्बाकू जन्य पदार्थ बेचते हुए पाया जाता है तो उसपर कार्रवाई की जानी चाहिए। अन्न विभाग के अलावा कोई भी सरकारी महकमे में सिगरेट पीनेवालों पर कार्रवाई करने की जानकारी इतने सालों में सामने नहीं आयी है। पानठेले पर तम्बाकूजन्य पदार्थ 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को न बेचा जाए ऐसा नियम है। साथ ही इसके हर एक पानठेला चालक को पानठेले पर जनजागृति के लिए बैनर लगाना आवश्यक है। बावजूद इसके कई पानठेला चालकों ने ऐसा नहीं किया। जिसके कारण उनपर भी कार्रवाई की गई है।

अन्न-औषधि विभाग के सहायक आयुक्त शशिकांत केकरे ने बताया कि पिछले 6 वर्षों में उनके विभाग ने ही शहर में सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीते हुए लोगों पर कार्रवाई की है। अन्य विभागों ने इस कार्रवाई में कम दिलचस्पी दिखाई है।