Published On : Fri, Aug 4th, 2017

स्मार्ट सिटी : आय के नए स्त्रोत सुझाने का जिम्मा ‘क्रिसिल’ को


नागपुर:
नागपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के पहले चरण के भी पहले पुनापुर, पारडी, भांडेवाड़ी का विकास किया जाएगा। साथ ही मनपा आय के नए स्त्रोत ढूंढने के लिए वैल्यू कैप्चर फाइनेंसिंग (वीसीएफ) प्रथा को अपनाते हुए केंद्र सरकार के नगर विकास विभाग से संलग्न क्रिसिल रिस्क एंड इंफ्रास्ट्रक्टर सोल्यूशन लिमिटेड की नियुक्ति क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के रूप में किए जाने के प्रस्ताव को आज स्थाई समिति ने मंजूरी दी। क्रिसिल द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट पर पहले मनपा, फिर राज्य सरकार और अंत में केंद्र सरकार समीक्षा कर अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देगी। इसके के बाद किए गए भुगतान (63 लाख) मनपा को वापिस किया जाएगा।

आय का स्त्रोत ढूंढने के लिए मनपा इन कंपनी को 63 लाख रुपए देगी। यह कंपनी लैंड वैल्यू टैक्स,संपत्ति कर में वृद्धि, बेटरमेंट लेवी, एफएसआई, टीडीआर, जमीन का यूजर्स चेंज करने, लैंड पुल्लिंग, ज़ोन रिलोकेशन आदि मुद्दों का अध्ययन करेगी।

मनपायुक्त ने इस प्रस्ताव को 29 जून 2017 को मान्यता प्रदान की थी अब शुक्रवार को स्थाई समिति में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। क्योंकि यह विषय 25 लाख के ऊपर का था, इसलिए स्थाई समिति की मंजूरी अनिवार्य होती है। स्थाई समिति की मंजूरी के बाद अब स्मार्ट सिटी अंतर्गत विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएंगी। शुरुआत में स्मार्ट सिटी प्रकल्प अंतर्गत केंद्र सरकार 100 करोड़, राज्य सरकार 50 करोड़ की निधि देगी। जबकि मनपा के हिस्से का 50 करोड़ रुपये नागपुर सुधार प्रन्यास देने वाली है। अगले 5 वर्ष में प्रकल्प के लिए 1000 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी गई है। बावजूद इसके सम्पूर्ण विकास के लिए लगने वाले खर्च को पूरा करने के लिए आय के नए स्त्रोत पर विचार कर यह प्रयोग किया जा रहा है।

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उल्लेखनीय यह है कि क्रिसिल रिस्क एंड इंफ्रास्टक्चर सोल्यूशन लिमिटेड ने ही स्मार्ट सिटी संबंधी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया था।

– राजीव रंजन कुशवाहा

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