Published On : Wed, Nov 27th, 2019

विश्व के सिंधी समाज को एकजुट किया जाएगा,– डॉ राजू मनवानी

नागपुर: विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजू मनवानी ने सिंधी समाज के महासम्मेलन में कहा कि विश्व के सम्पूर्ण सिंधी समाज को एकजुट कर समाज को मजबूत किया जाएगा।।उन्होंने सिंधी बोली को बढ़ावा देने के लिए और सिंधी आपस मे अपनी भाषा मे बात करे और बच्चों से सिंधी में बात करने की अपील की।।उन्होंने सभी पंचायतों से सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आव्हान किया।।उन्होंने बताया कि पूरे सिंधी समाज को एकजुट करने के लिए पूरे विश्व का सिंधी महासम्मेलन 3 से 5 जनवरी में पुणे में आयोजित किया है।जिसमे पूरे देश विदेश के सिंधी समाज के सभी गणमान्य हस्तियां शामिल होकर सिंधी समाज से जुड़ी सभी समस्याओं और राजनीतिक अधिकार मिलने के संदर्भ में विस्तृत चर्चा होंगी।।

उन्होंने बताया कि देश के 22 राज्यों में और विदेश के करीब 28 देशों में विश्व सिंधी सेवा संगम की टीम का गठन हो चुका है।इस अवसर पर विश्व सिंधी सेवा संगम के नागपुर जिल्हे के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने डॉ मनवानी का और स्वागत कर कहा कि डॉ राजू मनवानी द्वारा पूरे सिंधी समाज की एकजुटता का जो विशाल कार्य कर रहे है उनका अभिनंदन है।।उसके लिए उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा।। महाराष्ट्र मेडिकल कौंसिल के उपाध्यक्ष और विश्व सिंधी सेवा संगम के इंटरनेशनल मेडिको चेयरमैन डॉ विन्की रुघवानी ने कहा कि इस मंच के माध्यम से वे पूरे विश्व मे सिंधी समाज के समक्ष थैलेसीमिया और सिकलसेल के बारे में समाज मे जागरूकता करेंगे।

उन्होंने सभी पंचायत के पदाधिकारियों से अपील की कि अपने बच्चों का थैलेसीमिया माइनर का टेस्ट करवा कर ही विवाह करवाये।महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष नानकराम नेभवानी ने विचार प्रकट कर कहा कि आज पूरे विश्व मे सिंधी समाज को एकजुट कर मजबूत करना हमारा उद्देश्य है।*विश्व सिंधी सेवा संगम द्वारा हिंदुस्तान इंटरनेशनल होटल में सिंधी समाज का ऐतिहासिक महासम्मेलन आयोजित किया गया। इस महासम्मेलन में महाराष्ट्र के सिंधी समाज के इतिहास में पहली बार महाराष्ट्र की सभी महापंचायतों को एकत्रित कर सिंधी समाज की विभिन्न समस्याओं को हल करने की योजनाएं बनाकर सिंधी समाज को एकजुट कर एकता व सद्भावना बढ़ाने का प्रण लिया गया ।

इस महासम्मेलन के आयोजक विश्व सिंधी सेवा संगम महाराष्ट्र के अध्यक्ष सुनील सचदेव एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। महासम्मेलन के विशेष प्रमुख अतिथि विश्व में सिंधी समुदाय के एकमेव महामंडलेश्वर परमश्रेधय हंसराज महाराज उदासीन, विश्व सिंधु सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मा. डॉ श्री राजू मनवानी जी, श्री संत डॉ संतोष नवलानी साहब जी, श्री संत जशनलाल साहेब जी, श्री नानकराम नेभनानी जी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष महा), श्री जैसाराम मोटवानी जी(अध्यक्ष विदर्भ),श्री प्रताप मोटवानी जी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष,विदर्भ सिंधी विकास परिषद, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष, चेयर मैन इंटरनेशनल मेडिको डॉ विन्की रुघवानी, वर्धा जिल्हे के अध्यक्ष समाजसेवी जगदीश भाई मिहानी,श्री संतोष बजाज जी( महाराष्ट्र युवा टीम के अध्यक्ष,) महाराष्ट्र राज्य , एड . वासुदेव नवलानी , अध्यक्ष , पूज्य पंचायत कंवर नगर , अमरावती श्री डा . इंदरलाल गेमनानी , अध्यक्ष , पूज्य पंचायत रामपुरी कैम्प , अमरावती , अध्यक्ष , पूज्य पंचायत बडनेरा , अमरावती श्री नंदलाल खत्री , पूज्य पंचायत दस्तूर नगर अमरावती श , श्रीचंद तेजवानी , नगर सेवक , मनपा अमरावती श्री बलदेव बजाज , नगर सेवक , मनपा अमरावती श्री ऋषि खत्री . नगर सेवक , मनपा अमरावती विनीत सुनील सचदेव महाराष्ट्र अध्यक्ष महा पंचायत , नागपुर से नाग विदर्भ सेंट्रल सिंधी पंचायत के सुरेश जग्यसी एवम उनकी टीम, श्री सूरज हासानी , अधि.सतीश कोटवानी, श्री अभिषेक पंजाबी एवं सैकड़ो पदाधिकारी , सदस्य उपस्थित थे ,सभी का शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह देकर सत्कार किया गया।समारोह में डॉ साई संतोषकुमार महाराज ने अपनी वाणी से सभी को मंत्र मुग्ध किया।उन्होंने सिंधी समाज मे जो हो रही सामाजिक और धार्मिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया।। समाजसेवी तुलसी सेतिया ने देश मे हो रहे धर्मांतरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की।जेसाभाऊ मोटवानी ने प्रस्तावना की।जगदीशभाई मिहानी ने विचार रखे।हिंगणघाट के नगराध्यक्ष प्रेम बसंतानी ने विचार रखे।

कार्यक्रम में पूरे महाराष्ट्र के सिंधी पंचायतों के अध्यक्ष और पदाधिकारियों के शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर समानित किया गया।इस अवसर पर नागपुर,अमरावती, अकोला,वाशिम कारंजा लाड़, कामठी, लाखनी, गोंदिया ,भंडारा,आर्वी, वर्धा,हिंगणघाट,बीड,परभणी, बुलढाणा,चंद्रपुर,परभणी,यवतमाल, वडसा,सहित अनेक शहरों की पंचायते सम्मिलित हुई।।कार्यक्रम का संचालन तुलसी सेतिया,मंजू आडवाणी ने किया आभार सुनील सचदेव ने किया।।महासम्मेलन के बाद रात्रि को सिंधी नाटक का भी मंचन सफलता से किया गया।।