Published On : Fri, Apr 23rd, 2021

सिहोरा नदी किनारे रेत स्टॉक

-तहसीलदार,उपविभागीय अधिकारी,जिला खनन अधिकारी,जिलाधिकारी को जानकारी में लाने बाद कोई कार्रवाई नहीं

खापा/नागपुर – पिछले माह हुए रेती घाटों के निलामी शर्तो के हिसाब से नदी तट से 5 किलोमीटर दुरी पर रेत का स्टॉक करने की अनुमति/निर्देश दी गई थी.लेकिन जिले में शुरू रेती घाटों के ठेकेदारों ने सिहोरा सह अन्य घाटों के निकट ही रेत स्टॉक कर रहे हैं.सिहोरा में तो नदी किनारे ही रेत स्टॉक हैं.इन सब की जानकारी तहसीलदार,उपविभागीय अधिकारी,जिला खनन अधिकारी,जिलाधिकारी को दी गई लेकिन आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई,नतीजा खुलेआम रेत निलामी शर्तो का उल्लंघन शुरू हैं.

केंद्रीय पर्यावरण विभाग की हरी झंडी बाद जिले में 2 वर्ष बाद जिले में रेत घाटों की निलामी हुई.निलामी में शर्ते काफी कड़क होने और घाटों में मनमाफिक रेत न होने के बावजूद करोड़ों में रेत घाटों की निलामी हुई.


करोड़ों में आय होने के बाद जिला खनन विभाग सह तहसीलदारों ने रेत घाट संचालाकों (जिनके रेत घाट से उत्पादन/उत्खनन शुरू हैं ) को खुली छूट दे रखी हैं.इससे घाट संचालकों सह तहसीलदार,उपविभागीय अधिकारी,जिला खनन अधिकारी,जिलाधिकारी को आर्थिक लाभ हो रहा,नतीजा उक्त अधिकारियों के पास घाट संचालकों के खिलाफ शिकायतें/सबूत पेश करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे,वे सभी कोरोना का बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे.

रेत घाट संचालकों द्वारा रेत घाट निलामी शर्तो के उल्लंघन के अलावा नदी सह पर्यावरण को काफी नुकसान पहुँचाया जा रहा.

वाघोड़ा रेत घाट में धांधली
इस रेत घाट में छुटभैय्या नेता सह अन्य धूर्त रेत माफिया पार्टनर हैं.सभी ने रेत घाट खरीदी में अपने-अपने हिस्से का शेयर दिया हैं.नतीजा खुलेआम रेत का उत्खनन मशीन से हो रहा.ओवरलोड रेत भरी ट्रको से परिवहन की जा रही.इनका ही माल जिले में बिके इसलिए वाघोड़ा घाट के आसपास के रेत घाटों में नाना प्रकार के अड़ंगे डलवा रखें।जैसे निकटवर्ती गांव वालों को घाट से गंतव्य स्थल तक आवाजाही के लिए मार्ग न देना।स्थानीय थानों के मार्फ़त दिक्कतें देना,गांव के नागरिकों/युवकों से घाट संचालकों के खिलाफ आंदोलन/शिकायत दर्ज करवाना। ऐसे मामलों में जिला प्रशासन/ जिला खनन विभाग उन्हें सहयोग कर रही लेकिन अवैध उत्खनन/अवैध स्टॉक/अवैध परिवहन मामले पर चुप्पी साढ़े हुए हैं.

रामडोंगरी की निलामी लेकिन रेत उत्खनन होंगा वाकोडी से
गत दिनों रामडोंगरी रेत घाट का निलामी हुआ.इस घाट पर भी मनमाफिक रेत नहीं हैं.इसलिए रामडोंगरी घाट के नाम पर वाकोडी और मॉइल खदान के निकट के रेत घाट से रेती उत्खनन की योजना बनी हैं.जिसकी जानकारी जिला खनन विभाग को होने के बावजूद उन्होंने रामडोंगरी घाट लेने वालों को कोई सख्त हिदायत नहीं दी हैं.जल्द ही रामडोंगरी खदान के नाम पर निकटवर्ती रेत घाटों से मशीन द्वारा अवध रेत का उत्खनन शुरू करने की खबर मिली हैं.