Published On : Tue, Nov 9th, 2021

सामाजिक एकता का परिचय दे.- संचेती

– महावीर इंटरनेशनल ने गरबा रास के साथ मनाई दिवाली की रात

नागपुर: महावीर इंटरनेशनल सर्विस ट्रस्ट ने अपने सदस्यों व परिवारों के लिए गरबा रास के साथ दीवाली की रात गोदरेज आनंदम में महापौर दयाशंकर तिवारी की उपस्थिति में आयोजित की। दीप प्रज्ज्वलन पूर्व सांसद अजय संचेती व महापौर दयाशंकर तिवारी ने किया।

‘लव ऑल सर्व ऑल’ के आदर्श वाक्य और जियो और जीने दो के सिद्धांत से लैस महावीर इंटरनेशनल एक प्रमुख एनजीओ है जिसने अहिंसा, अहिंसा के दर्शन और शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य अपने हाथ में लिया है। सत्य, अहिंसा, साथी-भावना और भाईचारा हर जगह परियोजनाओं में जयपुर फुट सेंटर, फिजियोथेरेपी और नवजात शिशुओं की माताओं को बेबी किट का प्रावधान शामिल है।


इस अवसर पर बोलते हुए श्री अजय संचेती ने क़हाँ कीं दीपावली के पावन पर्व पर आज सामाजिक एकता बनाए रखने कीं नितांत अवशक्ता है. संस्था ने हर वक्त सामाजिक कार्यों को बढ़-चढ़ कर लोगों कीं निस्वार्थ सेवा कीं. श्री संचेती ने बताया कीं जयपुर फूट के माध्यम से संस्था का जो उल्लेखनीय कार्य राह जिससे संस्था का नाम सपूर्ण भारत भर में फ़ैल्ला है.

महापौर श्री दयाशंकर तिवारी ने भी संस्था के कार्यों कीं भूरी-भूरी प्रशंसा कर सभी सदस्यों क़ो दिवाली पर्व कीं बधाई दी. भविष्य में भी इस कार्य को कार्यक्रम के चलते सभी सदस्यों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल था। बेस्ट ड्रेस्ड कपल, बेस्ट ड्रेस्ड मेल, बेस्ट ड्रेस्ड फीमेल, बेस्ट ड्रेस्ड प्रिंसेस एंड प्रिंस, बेस्ट ड्रेस्ड फैमिली, बेस्ट गरबा डांसर्स मेल, फीमेल, गर्ल एंड बॉय के लिए आकर्षक पुरस्कार के साथ-साथ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बम्पर हाउजी था। लकी मोबाइल नंबर, लकी नंबर ने इस आयोजन की रौनक और चार चांद लगा दी। सभी सदस्यों ने गरबा की धुन पर नृत्य किया। राजेश सरावगी का दीपावली रात्रि के आयोजन स्थल के लिए आभार जताया गया।

अध्यक्ष वीरा अर्चना जावेरी के नेतृत्व में सचिव वीर विपुल कोठारी और परियोजना समन्वयक वीरा शोभा रायसोनी, वीरा पूजा भंडारी, वीरा सुधा अग्रवाल, वीर शिव अग्रवाल के साथ समन्वयक वीरा वंदना खेमका, वीरा सुनीता चज्जेद, वीरा रक्षा यदुका, वीरा बबीता परकेह, वीरा सुनीता सुराणा, वीर हितेश संकलेचा और वीर तुषार सिंघवी के सभी सदस्यों ने अपने संयुक्त प्रयासों और बहुमूल्य योगदान से इस आयोजन को यादगार बना दिया।यह जानकारी वीर अतुल कोटेचा ने दी.