Published On : Fri, Aug 11th, 2017

राजनीति में गॉडफादर चाहिए ही – वरुण गाँधी

नागपूर: वर्त्तमान दौर की राजनीति में एंट्री करने के लिए गॉडफादर का होना अवश्यक है। ऐसा स्पष्ट मत व्यक्त किया बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद वरुण गाँधी ने,कोई राजनेता जो खुद राजनीतिक परिवार का वारिसदार हो यह बात कहे अटपटा जरूर है। लेकिन वरुण के मुताबिक कोई कितना भी प्रतिभावान क्यूँ न हो उसे राजनीति में एंट्री के लिए किसी न किसी गॉडफादर की आवश्यकता जरूर होती है।

एक कर्यक्रम में भाग लेने नागपुर पहुँचे वरुण गाँधी ने पत्रकारों से बात करते कहाँ की सिर्फ़ राजनीति ही नहीं क्रिकेट,फिल्म इंड्रस्टी जैसे कई क्षेत्रों में प्रवेश के लिए गॉडफादर की आवश्यकता है। राजनीति में सुधार पर बोलते हुए उन्होंने कहाँ आगामी दस वर्षो के दौरान राजनीतिक सुधार और परिवर्तन की दिशा में तेजी आयी है वह आशावादी है की भविष्य में राजनीति सिर्फ चुनाव या हार -जीत पर आधारित नहीं होगी।

कुछ वक्त पहले ही सांसदों के वेतन में की गई चौगुनी बढ़ोत्री पर वरुण ने कहाँ सांसदों को खुद का वेतन बढ़ाने का अधिकार नहीं होना चाहिए इसके लिए एक स्वतंत्र वेतन आयोग की स्थापना की जानी चाहिए। संसद में कामकाज काफ़ी कम होता है जिसे देखते हुए सांसद खुद आत्ममंथन करे की क्या उन्हें वेतन बढ़ोत्री लेनी चाहिए ?

देश के भविष्य के भागीदार बने युवा
दैनिक भास्कर अख़बार द्वारा नागपुर के वसंतराव देशपांडे सभागृह में राष्ट्र निर्माण में युवाओं का योगदान विषय पर सांसद वरुण गाँधी के व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए वरुण ने कहाँ 2020 में भारत विश्व में सबसे युवा देश होगा। राजनीति में युवाओं की स्थिति पर टिपण्णी करते हुए वो बोले की पहली संसद में सांसदों की उम्र का अनुपात 35 वर्ष था जबकि वर्तमान संसद में यही अनुपात 59 वर्ष का है यह संकेत है की देश युवा जरूर हो रहा है लेकिन राजनीति बूढी होती जा रही है। राजनीति में युवाओं को हिस्सा लेना चाहिए लेकिन आवश्यक है की युवा सामाजिक राजनीतिक बदलाव में अपना सहयोग दे। अपने संबोधन में उन्होंने कई उदहारण दिए जिससे समाज में बदलाव हुए।