Published On : Mon, May 14th, 2018

औरंगाबाद दंगे पर सनसनीखेज खुलासा, दंगाइयों का साथ देते कैमरे में कैद हुए 10 पुलिसवाले

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औरंगाबाद/नई दिल्ली: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में 11 मई को दंगा भड़का था. इस दंगे में एक नाबालिग और एक बुजुर्ग की जान चली गई. साथ ही 60 दुकानें जला दी गई जिससे व्यापारियों को करीब 100 करोड़ का नुकसान हुआ. अब इस दंगे से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है जिसने पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. यह वीडियो 11 मई यानी उसी रात का है जब दंगे भड़के थे.

नौ मिनट के इस वीडियो में पुलिस वाले दंगाइयों को सुरक्षा देते दिख रहे हैं. वीडियो उस समय का है जब दंगाई नवाबपुरा में वाहनों और दुकानों में आग रहे थे. पुलिसवालों ने दंगाइयों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की बल्कि उनके साथ खड़े दिए.

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दंगों के समय किसी ने घर की खिड़की या बालकनी से 9 मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें 10 पुलिसवाले दंगाइयों का साथ देते दिख रहे हैं. पुलिस के बड़े अधिकारियों ने वीडियो क्लिप देखने के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं.

गनीमत ये कि ये वीडियो वायरल नहीं हुआ क्योंकि शुक्रवार की रात को फैले दंगे के बाद इंटरनेट बंद किया हुआ है. फिलहाल पुलिस ने औरंगाबाद दंगा मामले में 2000 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार 11 मई को दो समुदायों के बीच झड़प शुरू हुई थी. जिसके बाद दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आईं. दंगाईयों ने 100 से ज्यादा गाड़ियों को फूंक दिया और 100 से ज्यादा दुकानों को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोलों से स्थिति को काबू में करने की कोशिश की लेकिन दंगाई भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव किया जिसमें दस पुलिसकर्मी घायल हो गए.

क्यों हो रहा है विवाद?
विवाद के पीछे कई वजहें सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत करीब एक महीने पहले हुई जब शाहगंज इलाके में लगी वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति और उसके पास लगी पुरानी घड़ी जिसकी मरम्मत की जानी थी. इस वजह से उसके पास छोटी-छोटी दुकानों के अतिक्रमण को हटाने की बात आई तभी दो गुटों में विवाद शुरु हुआ था. इसके बाद 8 दिन पहले शाहगंज इलाके में ही बीच रास्ते में ठेला लगाये दो गुटों में विवाद हुआ.

दूसरी वजह
चार दिन पहले दो धार्मिक स्थलों में अवैध जल कनेक्शन हटाने के बाद इस मामले ने सांप्रदायिक रंग ले लिया. इसके बाद शुक्रवार को शाम 6 बजे मोती करांजा और गांधी नगर में लड़की को छेड़ने के कारण दो गुटों में विवाद हुआ और वहां पर एक दूसरे में मारपीट हुई. इसी के बाद से व्हाट्सएप पर अफवाहें फैलने लगीं कि कहीं मस्जिद गिरा दी गई है, कहीं मंदिर गिरा दिया गया है, लोगों से मारपीट हो रही है.


—As Published in ABP News

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