नागपुर: राज्य सरकार द्वारा मेघदूत/मल्टीमॉडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट (MIHAN) परियोजना के लिए शिवणगांव सहित अन्य क्षेत्रों में अधिग्रहित भूमि को लेकर चल रहे मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। विशेष भूमि अधिग्रहण न्यायालय ने आवेदकों को बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने का आदेश पारित किया, जिसके तहत 19,65,01,598 रुपये की राशि सरकार द्वारा न्यायालय में जमा की गई थी। अब यह राशि निकालने के लिए दाखिल याचिका को तदर्थ न्यायाधीश-3 ए.पी. कुलकर्णी ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
मुआवजा राशि पर विवाद, कोर्ट ने तय की नई दर
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शिवणगांव भूमि अधिग्रहण मामला क्र. 14/ए-65/2001-2002 में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 11 के अंतर्गत 30 अप्रैल 2008 को प्रारंभिक मुआवजा घोषित किया गया था। लेकिन मुआवजे से असंतुष्ट गुलाबराव कचरू बहादुरे और अन्य ने इसे कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद अदालत ने बाजार दर के अनुसार मुआवजा बढ़ाकर देने का आदेश जारी किया, जिसमें मूल राशि के साथ क्षतिपूर्ति, घटक और ब्याज भी शामिल किया गया।
सरकार ने नहीं जताई कोई आपत्ति, कोर्ट ने दिए निर्देश
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने आवेदकों को राशि दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि नियमों के अनुसार उचित पहचान और सत्यापन के बाद आवेदकों के संयुक्त खाते में जमा की जाएगी। साथ ही, उतनी ही राशि का क्षतिपूर्ति बांड प्रस्तुत करना होगा।
बाजार मूल्य से तय हुआ मुआवजा, जमीन का कुल क्षेत्रफल 24,339.52 वर्ग मीटर
याचिकाकर्ताओं को शिवणगांव के खसरा नं. 198, 200/1/1 और सिटी सर्वे नं. 204 की कुल 24,339.52 वर्ग मीटर भूमि के लिए 1650 रुपये प्रति वर्ग मीटर (156.21 रुपये प्रति वर्ग फुट) की दर से मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। सरकार ने यह राशि 2 अप्रैल 2025 को न्यायालय में जमा कर दी थी, हालांकि आवेदकों ने अब तक यह राशि प्राप्त नहीं की थी।
नाजिर और संबंधित क्लर्क की रिपोर्ट के अनुसार राशि वितरण में कोई अड़चन नहीं है और सरकारी पक्ष ने समकक्ष बैंक गारंटी प्रस्तुत करने की बात कही थी। सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार के बाद कोर्ट ने मुआवजा निकालने की याचिका स्वीकार कर ली।