Published On : Wed, Jan 11th, 2017

शिक्षकों के अल्प तकनीकी-ज्ञान के चलते ‘सेल्फी विद स्टूडेंट’ का फैसला वापस

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नागपुर :
 राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तायड़े ने आज एक आदेश जारी कर अपने ‘सेल्फी विद स्टूडेंट’ के फैसले को वापस लेने की घोषणा कर दी। बीते कुछ दिनों से मीडिया में शिक्षा मंत्री के इस फैसले के कयास लगाए जा रहे थे। स्कूल में विद्यार्थियों की सही संख्या जानने के इरादे से सरकार ने यह आदेश इस वर्ष के शालेय सत्र के शुरू होने के बाद जारी किया था। लेकिन शिक्षकों द्वारा तकनीक को लेकर मिल रही शिकायतों के चलते आज सरकार ने फैसला वापस ले लिया।

आज शिक्षा मंत्री ने स्वयं जानकारी देते हुए बताया कि बीते कुछ समय में इस योजना पर अमल, उसके क्रियान्वन और मिले नतीजे की समीक्षा के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शहरों के स्कूलों में तो नहीं पर तहसील और ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को योजना के क्रियान्वयन में कई तरह की तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लिहाजा अगले आदेश तक यह फैसला वापस लिया जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्कूलों में रजिस्ट्रेशन के अनुपात में विद्यार्थियों की कम अनुपस्थिति सरकार के लिए चिंता का सबब रही है। इसी समस्या का हल निकालने के लिए सरकार ने बायोमेट्रिक अटेंडेन्स की योजना बनाई है। लेकिन यह योजना शुरू होने से पहले ही सरकार ने ‘सेल्फी विद स्टूडेंट’ योजना शुरू कर दी। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों को हफ्ते में एक दिन सेल्फी खींचकर ‘सरल’ नामक प्रणाली पर अपलोड करना था।

शिक्षक और उनसे जुड़े संगठन शुरु से सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे थे। हालांकि इस फैसले को निरस्त करने के लिए गए फैसले पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों को योग्य प्रशिक्षण के बाद इसे फिर से लागू किया जाएगा।