Published On : Tue, Jan 20th, 2015

भंडारा : विकलांगो की स्कूल के कब आएंगे अच्छे दिन?


अनुदान के लिए संस्थाचालक और कर्मचारियों का अनशन
आंदोलन
13 वर्षों से अनुदान नही

Anshan Movement bhandara
भंडारा।
निजी स्वयंसेवी संस्था द्वारा मतिमंद, मूकबधिर, कर्णबधिर और अंध ऐसे विकलांगों के विशेष निवासी और अनिवासी स्कूल कर्मशाला राज्य के सामाजिक न्याय और विशेष सहाय्य विभाग के माध्यम से चलाये जाते है. लेकिन यह संस्था गत 12 से 13 वर्षो से बगैर अनुदानित तत्व पर है. इन स्कूल, कर्मशाला को शासन की ओर से कोई भी अनुदान नहीं मिलने से इन विकलांगों की स्कूल, कर्मशाला के संस्थाचालक, कर्मचारियों पर भूखों मरने की नौबत आ गयी है. जिससे इन विकलांग स्कूल के अच्छे दिन कब आएंगे ऐसा प्रश्न संस्थाचालक और कर्मचारी कर रहे है. इन विकलांगों के विशेष स्कूल को विकलांग कल्याण आयुक्त से मान्यता प्राप्त है. राज्य में 886 विकलांग विशेष स्कूल अनुदान से वंचित है तथा जिले के 29 स्कूलों में से 19 स्कूल स्थायी बगैर अनुदानित है.

शासन शिक्षा, कौशल्य शिक्षा तथा व्यवसायी प्रमुख प्रशिक्षण का सारांश तैयार करते है. तथा विशेष बच्चों को शिक्षण, प्रशिक्षण देनेवाले तथा पुनर्वसन करने वाले विकलांगो के स्कुल, कर्मशालाओं ने गत 12-13 वर्षों से अनुदान का संपुर्ण मापदंड पुर्ण कर चुके है. इन संस्था को अनुदान नही मिलने से कार्यरत कर्मचारी और संस्थाचालक आर्थिक परेशानी में फंसे है. इन विकलांगों की संस्था को अनुदान नहीं होने से विशेष विद्यार्थियों को भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य और उनके पुनर्वसन का सभी खर्च संस्थाचालकों को सहना पड़ता है.

अनुदान की मांग के लिए तथा स्थायी बिना अनुदानित स्कूल कर्मशाला के कर्मचारियों को संघ मान्यता, आकृती बंध मान्यता मिले, अनुदानित स्कूल कर्मशाला के अतिरिक्त मानधन वाले संस्था के कर्मचारीयों को पद के अनुसार वेतन श्रेणी स्थायी करने की मांगे है. जिसके लिए प्रादेशिक विकलांग स्कूल कर्मचारी संस्थाचालक संघटना की ओर से स्कूल कर्मशाला बंद अनशन 12 जनवरी से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने शुरू है. गणेश डुकरे, देवीलाल नेपाले, फिरोज खान पठान, रविन, प्रमोद साखरे के नेतृत्व में उदय माथुरकर, नासिर पठान, कैलास गेडाम आदि कर्मचारी और संस्थाचालक अनशन कर रहे है.

इस आंदोलन से जिले के 1400 विकलांग विद्यार्थी शिक्षा और प्रशिक्षण से वंचित हुए है. जिससे विशेष छात्रों का हित जानकर शाला कर्मशाला को तत्काल अनुदान दे ऐसी मांग जिलाध्यक्ष देवीलाल नेपाले ने की है.