Published On : Fri, Mar 29th, 2019

गोंदिया: क्या खनन माफियाओं पर शिंकजा कसेगा?

मध्यप्रदेश के मुंडेसरा घाट से रेती चुराकर महाराष्ट्र में तस्करी

गोंदिया: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले तथा मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की सीमाएं आपस में लगी होने की वजह से बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश की रेती गैरकानूनी रूप से खनन माफियाओं द्वारा महाराष्ट्र में लाकर बेची जा रही है। उल्लेखनीय है कि, मध्यप्रदेश सरकार एक ब्रास रेती पर 362.50 पैसे की रॉयल्टी वसूलती है, वहीं महाराष्ट्र सरकार का गोंदिया जिला खनीकर्म विभाग एक ब्रास रेती पर 2000 रूपये की रॉयल्टी वसूलता है। दोनों प्रदेशों के रॉयल्टी के दरों में भारी अंतर होने की वजह से तथा ग्राम पंचायत मुंडेसरा को मध्यप्रदेश शासन की ओर से तहसील तथा गांव के काम के लिए नदी से रेती निकालने की अनुमती दे देना ,इस सहुलियत का दुरूपयोग खनन माफिया कर रहे है तथा चुराए गई रेती को महाराष्ट्र की सीमाओं में लाकर बेचा जा रहा है।

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ये क्या हो रहा है भाई.. ये क्या हो रहा है?
मध्यप्रदेश के बालाघाट के किरनापुर तहसील का ग्राम मुंडेसरा बाघनदी के एक शोर पर बसा है वहीं दूसरे शोर पर महाराष्ट्र के गोंदिया तहसील का ग्राम बनाथर है। दोनों के बीच में बाघनदी बहती है। इस नदी के एक सूखे हुए शोर पर वाहनों की आवाजाही के लिए खनन माफियाओं ने रास्ता तैयार कर लिया है। इस तैयार किए गए गुप्त रास्ते से मध्यप्रदेश की रेती महाराष्ट्र में पहुंच रही है। इस अवैध रेती तस्करी की वजह से बनाथर के स्थानीय ठेकेदार को भारी नुकसान हो रहा है।

महाराष्ट्र के राजस्व अधिकारी चोरी रोकने में नाकाम – पंकज यादव
बसपा जिला प्रभारी पंकज यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते कहा है, रेती की इस अनाधिकृत तस्करी को रोकने के संदर्भ में उन्होंने महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री तथा सांसद मधुकरराव कुकड़े, जिलाधिकारी गोंदिया, खनन अधिकारी गोंदिया को भी लिखित पत्र देकर यह बात संज्ञान में लायी कि, मध्यप्रदेश के कुछ रेती माफियाओं द्वारा अनाधिकृत तरिके से रेती लाकर यहां बेची जा रही है, जिस कारण महाराष्ट्र सरकार को भारी टैक्स और राजस्व का नुकसान हो रहा है और इन खनन माफियाओं द्वारा 18 से 20 घंटे की रॉयल्टी रसीद महाराष्ट्र राज्य में चलायी जा रही है, इससे रेती घाटों को निलामी द्वारा खरिदने वाले यहां के स्थानीय ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। लिहाजा पड़ोसी राज्य से तस्करी के माध्यम से आनेवाली रेती और उसके अनाधिकृत रॉयल्टी रसीद पर रोक लगाई जाए लेकिन अब तक इस दिशा में महाराष्ट्र के राजस्व विभाग ने कोई भी सकारात्मक कदम नही उठाए है।

बनाथर रेती घाट, घाटे का सौदा
बनाथर का रेतीघाट इस वर्ष महाराष्ट्र शासन सेे 75 लाख रूपये देकर कविश इंटरप्राईजेस के प्रो.प्रा. सुखदेव हत्तीमारे (रा. गोविंदपुर गोंदिया) ने ई-निलामी के माध्यम से खरीदा है। सूत्र बताते है, इस बनाथर घाट पर जितनी रेती की उपलब्धता है, उस हिसाब से ठेकेदार को रॉयल्टी अदा कर 2500 रुपये ट्रैक्टर रेती पड़ती है।

एैसे में ठेकेदार इस बात को लेकर चिंतित है कि वह अपने 75 लाख रूपये कैसे निकालेगा? मध्यप्रदेश से तस्करी द्वारा महाराष्ट्र में आनेवाली रेती के विषय में बालाघाट के कलेक्टर दीपक आर्य के संज्ञान में यह बात लायी गई, जिसपर उन्होंने राजस्व अधिकारियों को छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए तथा 26 मार्च के देर रात धरपकड़ कार्रवाई करते हुए किरनापुर तहसील के ग्राम मुंडेसरा से रेती का खनन व परिवहन करते हुए 8 ट्रैक्टर तथा 2 डंबर जब्त किए गए। जब्त किए गए ट्रैक्टरों में 4 ट्रैक्टर गोंदिया तहसील के रावणवाड़ी, कोचेवाही, गोंदिया निवासी के बताए जाते है।उल्लेखनीय है कि, महाराष्ट्र सरकार के गोंदिया खनिकर्म विभाग ने इस वर्ष रेती घाटों की निलामी 6 माह देरी से की है, जिन ठेकेदारों ने ई-निलामी द्वारा घाट खरीदे है, उनकी मियाद 30 सितंबर को खत्म हो रही है। अब 6 माह में 75 लाख रूपये बनाथर घाट से कैसे निकलेंगे ? यही चिंता ठेकेदार को सता रही है।

 

 

 

 

 

 

रवि आर्य

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