Published On : Wed, Mar 8th, 2017

Video: भाजपा के बागी निष्ठवान कांग्रेसियों पर कीचड़ न उछाले


नागपुर:
विगत दिनों कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी व वरिष्ठ नगरसेवक ( प्रफ्फुल गुड़धे पाटिल ) ने मनपा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्वकर्ता के सक्षमता सह विपक्ष नेता चयन में किये गए पक्षपात पर संगीन आरोप लगाए थे, इसका कड़क जवाब देते हुए शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विकास ठाकरे ने बिना नाम लिए कहा कि जो १५ साल पहले भाजपा को छोड़ कांग्रेस में आये, वे शुरुआत से परिवार सह कांग्रेस में निष्ठावान रहे नगरसेवक पर उँगलियां न उठाएं। अगर निष्ठवान कांग्रेसी पर विश्वास जताते हुए उसे पार्टी ने पुरस्कृत किया तो क्या गुनाह किया।

८ मार्च की सुबह ११ बजे मनपा में मनपा में विपक्ष नेता संजय महाकालकर के बतौर विपक्ष नेता पदग्रहण समारोह में शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विकास ठाकरे उपस्थित थे, पिछले कार्यकाल में ठाकरे ही मनपा में विपक्ष नेता थे, उन्हीं के हस्ते जिम्मेदारी हस्तांतरित एक समारोह में की गई। इस अवसर पर पूर्व नगरसेवक मधुकर महाकालकर, विशाल मुत्तेमवार नगरसेवक हरीश ग्वालवंशी सहित सैकड़ो कांग्रेसी कार्यकर्ता,पदाधिकारी उपस्थित थे।

ठाकरे ने आगे कहा कि नवनिर्वाचित विपक्ष नेता संजय महाकालकर के पिता बतौर कांग्रेसी २ बार नगरसेवक रहे, इसके बाद लगातार ३ बार संजय नगरसेवक बने, सदा हरहाल में कांग्रेस के साथ खड़े रहे है। प्रदेश कांग्रेस के निरीक्षकों को उसके समर्थन में २९ में से २१ कांग्रेसी नगरसेवकों ने पक्ष नेता बनाने की लिखित सिफारिश की, फिर २९ नवनिर्वाचित नगरसेवकों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र विभागीय आयुक्त कार्यालय में पंजीकृत करवाया गया। इसके बाद भी अपना विरोध पार्टी के फोरम पर करने की बजाय सार्वजानिक रूप से प्रदेश कांग्रेस के निर्णय पर उंगलिया उठाना तथ्यहीन है।


जब पिछली दफा मुझे पार्टी ने पक्ष नेा की जिम्मेदारी सौंपी थी, तब अधिकांश नगरसेवकों के समर्थन पर मुझे प्रदेश कांग्रेस ने नियुक्त किया था, न कि किसी के मेहरबानी से विपक्ष नेता बना था। पक्ष विरोधी गतिविधियां करने वाला आज इतना बड़ा नहीं हो गया कि निष्ठावान कांग्रेसियों को ललकार सके। पिछले कार्यकाल में सत्तापक्ष की चुनिंदा मुद्दों पर बोलना और विपक्ष नेता द्वारा उठाये गए मुद्दों से खुद को किनारा करने वाले निष्ठावान कांग्रेसियों को ज्ञान न बांटे। पार्टी निष्ठावानों को जब तहरीज देने में हिचकिचा नहीं रही तो इस बाहरी ( बागी भाजपाई ) के पेट में दर्द क्यों ? उक्त नगरसेवक की कल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से शिकायत की जा चुकी है। भविष्य में किसी भी नगरसेवक या पदाधिकारी या फिर कांग्रेसी को पार्टी या पार्टी के किसी भी से दिक्कत हो तो वह पहले पार्टी फोरम में चर्चा करे। फोरम में चर्चा न कर सार्वजानिक आरोप-प्रत्यारोप करने पर प्रदेश कांग्रेस से शिकायत की जाएगी, पार्टी का निर्णय अंतिम होंगा।

जहाँ तक राज्य में विगत माह संपन्न हुए महानगरपालिकाओं के चुनावों की स्थिति की समीक्षा करेंगे तो नागपुर मनपा चुनाव में कांग्रेस का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है। जबकि नागपुर में आरएसएस का मुख्यालय, भाजपा के ३ सांसद, दर्जन भर विधायक, तथाकथित कांग्रेस विरोधी कांग्रेसी नेता सह मुख्यमंत्री एकत्र होकर कांग्रेस के खिलाफ सक्रिय थे। ऐसे में २९ नगरसेवक बनने में सफलता हासिल किये तो ९०% कांग्रेस उम्मीदवारों ने १० हज़ार से अधिक मत रूपी जनता का विश्वास अर्जित किये।


नवनियुक्त विपक्ष नेता महाकालकर के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी नगरसेवक एकजुटता के साथ प्रखर विपक्ष की भूमिका में नज़र आएंगे, सत्तापक्ष के कार्यों पर बारीकी से नज़र रखेंगे, पिछले कार्यकाल में सार्वजानिक किये गए घोटालों पर आजतक न्याय नहीं मिले, जिसे लेकर इस कार्यकाल में पुनः आवाज बुलंद करेंगे। वही दूसरी ओर सभागृह के बहार मनपा चुनाव लड़ने वाले सह शहर कांग्रेस के पदाधिकारी जनहित में आंदोलन सह विपक्ष नेता को मदद करेगी।

एक सवाल के जवाब में ठाकरे ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस की उम्मीद के अनुरूप परिणाम न आने के कारण मैंने प्रदेश कांग्रेस को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। महापौर-उपमहापौर चुनाव के मद्देनज़र प्रदेशाध्यक्ष के टेलीफोनिक आदेश पर मैंने बतौर नवनिर्वाचित कांग्रेसी नगरसेवकों की बैठक लेकर दोनों पदों के लिए पक्ष का उम्मीदवारों का चयन किया। रही बात इस्तीफे देने की तो जब भी प्रदेशाध्यक्ष आदेश देंगे, पद छोड़ दूंगा। पद का मोह नहीं, बिना पद के भी सक्रिय रहा हूँ और रह सकता हूँ। वैसे नागपुर शहर में गत लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिले मत लगभग सामान है। कांग्रेस घटी नहीं। सिर्फ बड़े प्रभाग पद्धति के कारण चूक गई, वार्ड स्तर पर चुनाव करवाया जाता तो परिणाम उल्टा होता। प्रदेशाध्यक्ष काफी सक्षम है, वे हर बार प्रदेश कार्यकारिणी के सैकड़ों पदाधिकारियों से पूछ कर नहीं करेंगे।

गार्गी चोपड़ा के इस्तीफे मामले पर आज ४ बजे मनपायुक्त के समक्ष सुनवाई है, ठाकरे के अनुसार वे अपना इस्तीफा वापिस ले लेंगी।


नवनियुक्त विपक्ष नेता महाकालकर ने संभाली जिम्मेदारी

इस अवसर पर महाकालकर ने कहा कि पक्ष ने सौंपी जिम्मेदारियों का निर्वाह पक्ष सह जनहित में करूँगा। किसी नगरसेवक ने मेरे चयन का विरोध नहीं दर्शाया। सभी नगरसेवक शहर कांग्रेस के साथ है। एकाध चीखे-चिल्लाये तो कोई फर्क नहीं पड़ता। सिर्फ उन्हें ही सबकुछ समझता है, यह उनकी ग़लतफ़हमी है। सत्तापक्ष के पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित रहेंगा, जनविरोधी कृत्यों पर लगाम लगाने हेतु भरसक प्रयास किए जाएंगे। पार्टी विरोधी गतिविधियां करने वालों की शिकायत शहर कांग्रेस से की जाएगी। पक्ष के नगरसेवकों सह शहर के जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। कांग्रेस के २९ नगरसेवक इस कार्यकाल में सत्ताधारी के १०८ पर भारी पड़ेंगे। मुम्बई की तरह नागपुर मनपा में भी उपलोकायुक्त की नियुक्ति होनी चाहिए। अगली आमसभा के पूर्व कांग्रेस की ओर से इस आर्थिक वर्ष के लिए स्थाई समिति सदस्यो सह नामजद नगरसेवक के नाम का चयन कर सार्वजानिक कर दिया जायेगा।